मजदूर-दिवस : तारा राखेचा
*मजदूर-दिवस*
दो वक्त की रोटी के लिए मजदूर सर्दी, गर्मी, बरसात ,धुप में अपना पसीना बहाता है।
*मेहनत उसकी लाठी है,*
*मजबूती उसकी काठी है*।
*विकास की वो नींव हैं*,
*जिसका जीवन सबके लिए सीख हैं*।
सभी के सपनों को साकार करनेवाले, उनके कर्मसाधना को प्रोत्साहित करने के लिए *1 मई का दिन उनके नाम*।हम करते 🙏👏सलाम👏

वीरगंज (नेपाल)✍️


