Mon. Apr 27th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपालगन्ज में गुल्जारे अदब व्दारा गजल गोष्ठी

 

guljareनेपालगन्ज(बाँके जिला) पवन जायसवाल, कार्तिक २३ गते ।
नेपालगन्ज में ,गुल्जारे अदब के आयोजन में शनिवार को मासिक गजल गोष्ठी स्थानीय महेंन्द्र पुस्तकालय में हुआ ।
गोष्ठी में अवधी साँस्कृतिक विकास परिषद बाँके जिला के अध्यक्ष तथा वरिष्ठ अवधी साहित्यकार सच्चिदानन्द चौवे के प्रमुख आतिथ्य में और मोहम्मद अमीन ख्याली के सभापत्तित्व में मासिक गजल गोष्टी सम्पन्न हेआ है । कार्यक्रम में उर्दू, अवधी और नेपाली साहित्यकार, गायककार, लेखककारों की  सहभाागिता में मासिक गजल गोष्ठी सम्पन्न हुआ ।
गोष्ठी कार्यक्रम में नेपाली साहित्यकार प्रगतिलेखक संघ बा“के जिला के अध्यक्ष इन्द्र बहादुर बस्नेत, भेरी साहित्य समाज बा“के जिला के अध्यक्ष एवं प्राध्यापक हरि प्रसाद तिमिल्सिना, अमरनाथ योगी, उर्दू साहित्यकारों मे सैयद अशफाक रसूल हाशमी, जमील अहमद हाशमी, मोहम्मद हासीम अञ्जुम, मोहम्मद यूसुफ आरफी, मोहम्मद नसीम कादरी, जुबेर अहमद नातिक, सादाब हुसैन, अदब के सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहसन कुरैशी लगायत लोगों ने “खुदा करे कि इलकसन हो संबिधान बने” मिसरा में अपना– अपना गीत गजल और शैर प्रस्तुत किया इस के साथ ईस्लामिक नया“ वर्ष १४३५ के शुभ अवसर में शुभकामना भी व्यक्त किया था ।
२०३३ साल श्रावण १ गते स्थापना हुआ अदब ने हरेक महीने के अन्तिम शनिवार के दिन करते आ रहा है ।  आने वाला मंसीर महीने का अन्तिम शनिवार के दिन स्थानीय महेन्द्र पुस्तकालय नेपालगन्ज में गोष्ठी में  मिसरा “ए वक्त गुलिसता के सजाने का वक्त है” इस मिसरा में शैर बनाकर अपना अपना वाचन करेगें अदब के सचिव मोहम्मद मुस्तफा अहसन कुरैसी ने बताया ।
(१) इसी तरह गजल गोष्ठी में नेपालगन्ज– १५ के जमील अहमद हाशमी ने शैर वाचन किया ।
अगर ये चाहिये नेता कोई महान बने
तो शर्त ये है कि पहले वो गिरगीटान बने
मेरी ही शान बने और आन बान बने
कही से नोट मिले और मेरा मकान बने ।।

यह भी पढें   लोकतांत्रिक संघर्ष से प्राप्त उपलब्धियों को केवल इतिहास के पन्नों तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए – गगन थापा

(२)  लोग तरसा किये बाक पन के लिए
मैने देदी जवानी वतन के लिए
या खुदा वक्त एैसा भी आए कभी
खुद को कुरबान करद“ू वतन के लिए
देश की मिट्टी मिट्टी हो मेरा कफन
मैं तरसा हू“ खाके वतन के लिए
जो भी आए हैं महेफिल में तेरे नसीम
जो भी आया तेरी अन्जुमन के लिए ।
मो. नसीम कादरी– नेपालगन्ज – ८ बा“के
(३) मजहबो कौम और ईसलाम की पहचान बने ।
ये मेरा मुल्क है नेपाल मेरी जान बने ।।
बडी हैं साजिशें इस मुल्क को मिटाने की ।
खुदा करे कि इलेकशन हो संविधान बने ।।
बहुत ही खुश हैं जो लौटे हैं जंग हार आये ।
खडे है कौम में खुद को बडे बलवान बने ।।
लुटाते फिंरते है नेता रकम डढल्ले से ।
ख्याल उन का है संसद भवन दुकान बने ।।
बना है मुल्क का गुलशन जो छत्तीस जातो से ।
खुदारा आलमे हसती का यह गुलदान बने ।।
ये मेरा मुल्क है सैय्यद अजीम जां से अजीज ।
मेरे खुदा यही हर कौम का ईमान बने ।।
सैय्यद अशफाक रसूल हाशमी– नेपालगन्ज –५ बा“के

यह भी पढें   भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा चौकसी होगी और मजबूत, मुख्य सचिव ने किया जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन का निरीक्षण

(४) सभी कूबुल करैं इस तरह विधान बने
खुदा करे कि इलेकशन हो संबिधान बने
हर एक सम्त मोहब्बत के फूल खिलते हों
मेरा वतन य“ू मोहब्बत का गुलिस्ता“ बने
तमाम आलमे इन्सानियत यह हा जाए
तो इस तरह से मोहब्बत का आस्मान बने
पनप सके गी कहा“ नफरतैं दिलों में जब
हर एक शख्स जो एक दूसरे की जान बने
एह उ“च नींच की तफ्रीक आरफी हो खत्म
यहा“ पे जो हैं सभी लोग एक समान बने ।।
यूसुफ आरफी कुरैशी –धम्बोझी– १ नेपालगन्ज, बा“के

यह भी पढें   सुकुम्मवासी के १४४ परिवार सरकार के संपर्क में

(५) खुदा करे कि एलेकशन हो संबिधान बने
राष्ट्र नेपाल मेरा जग में फिर महान बने
चमन के फूलों से हर धर्म की महके कयारी
ऐसा यशवान बगीचे का बागवान बने
अपना मत दीजिए ऐसे सुगोग्य नेता को
जिसके व्योहार से ही उसकी पहचान बने
बचके रहना सदा जाहिल– करेबी नेतों से
भूमि नेपाल की फिर से नहीं रमशान बने
अन्न आयात न होवे विदेशी देशों से
आत्म निर्भर हमारे देश का किसा बने
ऐसा पावन– पवित्र देश का माहौल लगे
माह हर एक सारे साल का रमजान बने
होवे इस देश में ‘आनन्द’ औ धन की वर्षा
देशवासी सभी धनवान औ बलवान बने
लीजिए कामना शुभ ईद– दिपावली– छठ को
देश की जनता ए गुणवान अब विद्वान बने
सच्चिदानन्द चौवे– अध्यक्ष अवधी सा“स्कृतिक विकास परिषद
(६) कुछ इस तरह से जमाने के साथ साथ चलो
जहा“ मे कोई तुम्हारा भी हम जुबान बने
हाजी अन्जुम– नेपालगन्ज – १५, बा“के

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *