कालापानी और लिपुलेक समावेश पुस्तक प्रकाशन रोकने के लिए ओली ने ही कहा थाः पोखरेल

काठमांडू, २८ मई । नेकपा माओवादी केन्द्र के नेता तथा पूर्व शिक्षा मन्त्री गिरिराजमणि पोखरेल ने दावा किया है कि लिपुलेक और कालापानी की नक्सा समावेश पुस्तक प्रकाशन के लिए तत्कालीन प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने ही रोका है । सरकार द्वारा संसद् में प्रस्तुत वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम के ऊपर आज शनिबार आयोजित विचार–विमर्श बैठक को सम्बोधन करते हुए उन्होंने ऐसा कहा है । स्मरणीय है, उस समय केपीशर्मा ओली प्रधानमन्त्री और नेता पोखरेल शिक्षा मन्त्री थे ।
प्रतिनिधिसभा बैठक को सम्बोधन करते हुए नेता पोखरेल ने कहा कि संसद् बैठक में उपस्थित होकर पूर्वप्रधानमन्त्री ओली ने राष्ट्रीयता संबंधी लम्बे–चौडे भाषण किया, लेकिन प्रधानमन्त्री रहते वक्त उन्होंने ही लिपुलेक और कालापानी का नक्सा समावेश पुस्तक प्रकाशन के लिए रोक लगाया था । नेता पोखरेल ने कहा– ‘यही सदन में आकर प्रमुख प्रतिपक्ष दल के नेता केपीशर्मा ओली ने राष्ट्रीयता और प्रजातान्त्र के संबंध में लम्बे भाषणबाजी किया, मैं सुनता रहा । जिस समय मैं शिक्षा मन्त्री था, उसी समय लिपुलेक और कालपानी संबंधी पुस्तक तैयार हुई थी, उन्होंने ही प्रकाशन के लिए रोक लगाया ।’
नेता पोखरेल ने कहा कि उस समय एक कार्यदल बना था, लेकिन बैठक नहीं हो पाया । उन्होंने आगे ओली से कहा– ‘बैठक क्यों नही रखा गया, कुछ भी नहीं बताया । पुस्तक प्रकाशन में क्यों रोक लगाया गया, वह भी नहीं बताया । प्रजातन्त्र और राष्ट्रीयता की कठघरा में तो आप भी हैं ।’

