कृष्णनगर बॉर्डर पर एक ट्रक अवैध कपड़ा बरामद
*●बॉर्डर पर सफेदपोश धंधेबाजों का गोरख धंधा*
* गैस चूल्हा बताकर 202 गांठ कीमती कपड़ा करा रहे थे भंसार
* करीब एक करोड़ की है अवैध बरामदगी
* भारतीय कस्टम अधिकारियों की चूक या लापरवाही
*कपिलवस्तु।*इंडो-नेपाल के कृष्णनगर-बढ़नी बॉर्डर पर तैनात इंडिया कस्टम के लाख सतर्क उपायों के बावजूद सफेदपोश अवैध कारोबारी बेहद चालाकी से उन्हें डॉज देने में सफल हो जा रहे हैं। एक ट्रक में दिल्ली के एक फर्म से नेपाली फर्म सुलभ ट्रेडर्स (काठमांडू) के नाम पर प्रतिबंधित कीमती कपड़ा गैस चूल्हे में छुपा कर सीमा पार ले आया गया, जिसे भंसार कार्यालय, कृष्णानगर ने जांच पड़ताल में पकड़ लिया। नेपाल कस्टम ने प्रारंभिक अनुमान में बरामद कपड़ो आदि की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक आंकी है।
नेपाल द्वारा विदेशों से करीब 300 वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिए जाने व एलसी बंद कर दिए जाने के बाद गोरखधंधा शुरू हो गया है।गत शनिवार एक भारतीय ट्रक (एचआर 55 एए-5648) ने सुलभ इंटरप्राइजेज, काठमांडू के नाम पर दस लाख चौरासी हजार रुपये का 2710 पीस गैस चूल्हा आरव इंटरप्राइजेज दिल्ली, इंडिया के नाम पर बने बिल के आधार पर भारतीय सीमा शुल्क कार्यालय, बढ़नी (सिद्धार्थनगर) से कस्टम कराया। कस्टम कराकर ट्रक कस्टम कार्यालय, एसएसबी चेक पोस्ट, कस्टम बैरियर, कृष्णानगर लिंक गेट आदि को पार कर कृष्णानगर भंसार कार्यालय पहुंचा। जहां पर कंटेनर को भंसार यार्ड में खड़ी कर भंसार एजेंट वीरेंद्र यादव ने 2710 पीस गैस चूल्हे का प्रज्ञापन-पत्र एक्जिम कोड (1275116700150 एनपी) भरकर कार्यालय में भंसार कराने के लिए पेश किया। जांच पड़ताल के दौरान शक होने पर भंसार अधिकारियों ने ट्रक की बारीकी से तलाशी ली तो ट्रक में आगे की दो लाइन में चूल्हा लदा हुआ था, इसके पीछे अवैध रूप से छिपाकर रखा गया भारी संख्या में कपड़ों का गांठ बरामद हुआ। भंसार अधिकारियों ने इसकी गहनता से जांच की तो 2710 सौ पीस गैस चूल्हे के जगह पर मात्र 250 पीस गैस चूल्हा और एक करोड रुपये से अधिक का 202 गांठ अवैध भारतीय कपड़ा मिला। जैसे ही मामले का खुलासा हुआ कंटेनर ड्राइवर अवनीश भाग गया।
इसे कस्टम क्लियरिंग में खेल कहें या इंडिया कस्टम की आये दिन हो रही चूक। फिलहाल सफेदपोश अवैध कारोबारियों द्वारा गलत सूचना देकर लाखों का माल प्रायः इधर-उधर कर दिया जा रहा है। भारत के कस्टम इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार द्वारा जांच की गई व सुपरिंटेंडेंट राधेश्याम द्वारा पास की गई उक्त ट्रक से ऐसी बरामदगी होने से तरह-तरह की चर्चाएं की जा रही हैं। इससे कुछ समय पूर्व ही एक फल के ट्रक में कीमती कपड़े लिंकगेट पर पकड़े गए थे। एक कंटेनर में छुपाकर स्क्रैप भेजे जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा।
*त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया के बाद भी चूक ?*
बताते चलें कि जब कोई मालवाहक वाहन भारत से निर्यातित सामान लेकर नेपाल आता है, तो सीमापार बढ़नी से सीमा शुल्क निकासी के बाद एसएसबी द्वारा इसकी जाँच की जाती है। उसके बाद बैरियर ड्यूटी कर रहे इंस्पेक्टर द्वारा जाँच की जाती है। इसके बाद ही मालवाहक वाहन नेपाल में प्रवेश करता है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस तरह की लापरवाही किये जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसी चूक से नेपाल में कोई अन्य अवैध वस्तु मादक पदार्थ, विस्फोटक आदि आ सकती है, जिससे दोनों देशों के संबंधों प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
वर्जन-
” धोखाधड़ी करके लाखों रुपये का राजस्व चोरी करने का प्रयास किया गया है। अवैध कपडा लदा ट्रक हमारे नियंत्रण में हैं और सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद इस पर 200 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्राविधान है। अगर इस पर कोई अपना दावा नहीं करता है तो इसकी नीलामी कर दी जाएगी।
– जनार्दन पडेल
भंसार चीफ़,
कृष्णनगर,कपिलवस्तु
भारतीय सीमा शुल्क के आधार पर एक भारतीय ट्रक 2710 पीस गैस चूल्हे का भंसार कराने आया था। भंसार द्वारा जब्त किए गए कपड़ो में कृष्णनगर के ही कपड़ा व्यापारी के संलिप्तता के सूत्र मिले है और उन्हें काठमांडू में डीलरों को भेजा जा रहा था। सुलभ एंटरप्राइजेज काठमांडू स्थित एक कपड़ा डीलर है, जो भारतीय कपड़ों का होल सेलर है।
– विकास उपाध्याय
भंसार अधिकृत, कृष्णनगर


