डॉ.श्वेता दीप्ति की कृति ‘शेष होते शब्द’ का विमोचन

काठमांडू, 13 जून 022 । दिनांक १२ जून २०२२ को डी.ए.वी सुशील केडिया विश्व भारती स्कूल के सभागार में डॉ.श्वेता दीप्ति की नवीनतम कृति ‘शेष होते शब्द’ का विमोचन किया गया । नेपाल की प्रतिष्ठित पत्रिका हिमालिनी के रजत जंयती वर्ष के शुभ अवसर पर आयोजित हिमालिनी काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह में हिमालिनी की संपादक डॉ श्वेता दीप्ति का काव्य संग्रह का विमोचन किया गया । समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री गिरीश चन्द्र लाल पूर्वन्यायाधीश(सर्वोच्च अदालत) की गरिमामयी उपस्थिति थी । विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी विवेकानन्द कल्चरल सेन्टर, भारतीय दूतावास की अध्यक्ष श्री आसावरी बापट जी की सादर उपस्थिति थी । कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमालिनी के प्रबंध निदेशक ई. सच्चिदानन्द मिश्र ने की थी । पुस्तक प्रकाशन आर के पब्लिशर, मुम्बई तथा डा कृष्णचन्द्र मिश्र पब्लिकेशन काठमांडू द्वारा किया गया है।
विशेष अतिथि के रूप में साहित्य संचय शोध संवाद फाउन्डेशन के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार, सूचना एवं संस्कृति विभाग भारतीय दूतावास के अताशे श्री सत्येन्द्र दहिया, मारीशस से पधारे प्रोफेसर ज्ञानधुनुक चंद, राष्ट्रिका संस्थान के अध्यक्ष ऋषभ घिमिरे की मंच पर सादर उपस्थिति रही । कार्यक्रम में भारत के सम्मानित पत्रकारों एवं कवियों का सम्मान हिमालिनी एवं साहित्य संचय शोध संवाद फाउन्डेशन के द्वारा किया गया । हिमालिनी ने रजत जंयती वर्ष के उपलक्ष्य में साहित्य संचय शोध संवाद दिल्ली के अध्यक्ष मनोज कुमार जी को हिन्दी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ कृष्णचन्द्र मिश्र हिन्दी सम्मान से अलंकृत किया गया ।
नेपाल और भारत से पधारे कवियों ने अपनी अपनी कविताओं का वाचन भी किया । कविता की रसधारा में सभी अतिथि मंत्रमुग्ध होकर सिंचित होते रहे । कार्यक्रम का संचालन कंचना झा ने किया और विमोचित पुस्तक पर समीक्षा पूनम झा ने प्रस्तुत की ।



