‘मोदी फैक्टर से मिली भाजपा को जीत’
भाजपा की जीत से उत्साहित पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने इसे नरेद्र मोदी की कड़ी मेहनत का परिणाम बताया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग कांग्रेस की गैरजिम्मेदाराना शासन से थक गए थे। दिल्ली में भी ऐसे ही हालात हैं।
राजस्थान की 199 सीटों में उनकी पार्टी के 143 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
इस पर प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को देश की जनता देख रही है। जनता ने अब यह साफ कर दिया है कि वह किसी के बहकावे में नहीं आने वाली।
दिल्ली में कांग्रेस की बुरी हार के बाद शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद जब वह मीडिया के सामने आईं तो गुस्सा भी गईं। उन्होंने एक लाइन का वक्तव्य अंग्रेजी में दिया, जिसका मतलब यह था कि वह हार के कारणों की समीक्षा करेंगी। उन्होंने 15 साल तक समर्थन देने के लिए जनता और मीडिया का धन्यवाद किया और कहा कि अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगी। पत्रकारों ने उनसे पूछा- आप जनता का मूड नहीं समझ पाईं? उन्होंने गुस्से में जवाब दिया- हम बेवकूफ हैं ना! पत्रकारों ने उनसे हिंदी में बाइट देने का आग्रह किया। लेकिन, वह उठ कर चली गईं। इससे पहले उनके घर पर गए कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से भी वह नहीं मिली थीं।
कांग्रेस खेमे में जहां गम का माहौल है, वहीं भाजपा और आप के कार्यकर्ता जश्न में डुबे हुए हैं। अपनी जीत और कांग्रेस का किला फतह करने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। भाजपा मुख्यालय और दिल्ली में तमाम विधानसभा क्षेत्रों में बने भाजपा के कार्यालयों के बाहर कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी का इजहार किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर पटाखें भी जलाए। भाजपा के पंडित पंत रोड पर स्थित प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता सुबह से ही इकट्ठे रहे।
शीला दीक्षित और भाजपा के सीएम कैंडिडेट डॉ. हर्षवर्धन भी टीवी पर रिजल्ट देखते रहे। जहां रूझानों में अपनी जीत को लेकर आ रहे संकतों से हर्षवर्धन बेहद खुश थे, वहीं शीला दीक्षित बेहद परेशान दिखीं। उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखी। यहां तक की उनसे मिलने के लिए आवास पर पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता भी बाहर खड़े रह गए। शीला उनसे नहीं मिलीं।
उधर, आम आदमी पार्टी (आप) के कनाट प्लेस स्थित चुनावी कार्यालय में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की खूब सक्रियता दिखी। यहां कुमार विश्वास एवं अन्य नेता अपने समर्थकों के साथ पूरे जोश में दिखे। विश्वास समय-समय पर अपने कार्यकर्ताओं को पार्टी के उम्मीदवारों के अलग-अलग सीटों पर आगे होने की जानकारी देते रहे।

