नागरिकता विधेयक के कारण नेपाल में संगठित अपराध में वृद्धि होनेवाला हैः देवकोटा

काठमांडू, २८ जुलाई । राष्ट्रीयसभा सदस्य खिमलाल देवकोटा ने दावा किया है कि सरकार द्वारा प्रस्तुत नागरिकता संबंधी नयां विधेयक के कारण नेपाल में संगठित अपराध में वृद्धि होनेवाला है । आज बिहिबार राष्ट्रीयसभा से पारित नेपाल नागरिकता प्रथम संशोधन विधेयक के ऊपर टिप्पणी करते हुए उन्होंने ऐसा दावा किया है । सभा को सम्बोधन करते हुए सांसद् देवकोटा ने कहा कि विधेयक में वैवाहिक अंगीकृत के संबंध में जो लचिला प्रावधान है, उससे नेपाल में संगठित अपराध में वृद्धि होनेवाला है ।
विधेयक के ऊपर टिप्पणी करते हुए सांसद् देवकोटा ने कहा है– ‘नेपाली नागरिकों के साथ शादी करनेवाली विदेशी महिला को नेपाली नागरिकता प्राप्ति के लिए निर्धारित अफिसर के समक्ष निवेदन देना होगा, इसतरह निवेदन पेश करते वक्त विदेशी नागरिकता परित्याग संबंधी सामान्य निस्सा भी प्रस्तुत करना होगा, जिससे यह प्रमाणित नहीं होता कि उन्होंने विदेशी नागरिकता परित्याग किया है, नयी व्यवस्था से उनके पास दो देशों की नागरिकता कायम हरने की संभावना रहती है । इसके बदले तो वि.सं. २०७५ साल में प्रस्तुत विधेयक ही ठीक था, जहां शादी के ६ महिनों के बाद विदेशी नागरिगता परित्याग संबंधी प्रमाणपत्र पेश कर नेपाली नागरिकता लिया जा सकता था ।’
सांसद् देवकोटा का मानना है कि वर्तमान में ऐसी व्यवस्था को हटना दुर्भाग्यपूर्ण है । उन्होंने आगे कहा– ‘नेपाल की जनसंख्या ३ करोड आसपास है, लेकिन ३०० से अधिक जनसंख्यावाले भारत और चीन हमारे पड़ोसी हैं, उक्त जनसंख्या की थोड़ी सी हिस्सा इधर–उधर होने से भी नेपाल प्रभावित हो जाता है, हम लोगों ने इस तथ्य को नजरअंदाज किया । कल सेन्टर के नाम में चिनियां नागरिक नेपाल में साइबर अपराध कर रहे हैं, भारतीय नागरिकों को ठगने के लिए नेपाली नागरिकों का प्रयोग हो रहा हैं, अब तो ऐसी घटना और भी संगठित रुप में आगे बढ़ने की संभावना है ।’

