पूर्वी नेपाल में लगातार बारिश सप्तकोशी का बांध टूटा हजारों लोग विस्थापित
माला मिश्रा जोगबनी / बिराटनगर ।
नेपाल के पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण सप्तकोशी नदी का तटबंध टूट गया है । जिसकी वजह से प्रशासन के द्वारा आसपास के इलाकों को हाई एलर्ट क्षेत्र घोषित किया गया है । उदयपुर के धौरीटापू , श्रीलंका टापू, करैया , तपेश्वरी गांव व बेलका नगर पालिका -8, 9, 1, 2, 3 वार्ड को हाई एलर्ट क्षेत्र घोषित किया गया है । सप्तकोशी नदी का पानी इन वार्डो में घुस चुका है । नदी का पानी तटबंध को तोड़कर गांवों में घुसने से करीब 1700 परिवार व 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं ।किसी तरह की अनहोनी ना हो इसलिए हाई एलर्ट क्षेत्र घोषित किया गया है। जलश्रोत तथा सिंचाई विभाग का उप महानिर्देशक व प्रवक्ता के अनुसार कोशी नदी में दो लाख पच्चीस हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड पानी का बहाव हो रहा है । लगातार वारिश व पानी का तेज बहाव को देखते हुए एक दिन पूर्व से ही माइकिंग कर लोगों को घर छोड़ने का प्रशासन अनुरोध कर रही है । उदयपुर के प्रमुख जिला अधिकारी बीरेंद्र कुमार यादव के अनुसार, बेलका-8 लाहौर खोंच डुमरीबोट क्षेत्र को हाई एलर्ट क्षेत्र घोषित किया गया है । बुधवार की सुबह सप्तकोशी नदी का बांध टूटकर पानी गांव में घुस गया । तटबंध के टूटने से इसका प्रभाव क्रमशः सप्तरी और सुनसरी जिलों पर पड़ेगा । दोनो जिलों में सतर्कता बरती गई है ।सुनसरी व सप्तरी की प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्था से समन्वय किया जा रहा है । प्रमुख जिला अधिकारी यादव ने कहा की जोखिम जैसे-जैसे बढ़ रहा है, हम सतर्कता पर जोर दे रहे है ।सुनसारी के बरहक्षेत्र नगर पालिका-6 में पानी भर गया है । सप्तरी के गोबरगाढ़ा में भी पानी घुस गया है । उक्त क्षेत्र में प्रशासन गस्त कर रही है । लोगो का अनुमान है नदी का किनारा अपने पुराने स्थान पर लौट आएगा । कई परिवार प्रभावित होंगे। मुख्य जिला अधिकारी यादव ने कहा- मानव क्षति को रोकने के लिए हाई एलर्ट क्षेत्र घोषित कर बचाव कार्य किया जा रहा है । वहां रहने वाले लोगों को विस्थापित किया जा रहा है । नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और स्थानीय निवासी घटना स्थल पर बचाव कार्य में जुटे हैं । जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है । विहार में भी इसका असर पड़ सकता है। कई जिला इसके चपेट में आ सकता है । बताया गया है जहां बांध टूटा है कोशी योजना का ठीकेदार पहुच अपना काम शुरू कर दिया है ।





