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यातायात परमिट के नाम पर भारतीय पर्यटकों का शोषण ! स्वर्गद्वारी पहुंचना हुआ कठिन।

 

* धार्मिक पर्यटन पर निजी वाहनो से नेपाल आना तनावपूर्ण

* आरसी,डीएल, इंश्योरेंस तथा नेपाल भंसार पेपर होने के बाद भी भारतीय पर्यटक होते हैं शोषित
* मोटरसाइकिल से एक हजार तो कार/जीप से 3 हजार तक की जाती है वसूली
* कृष्णनगर बॉर्डर पर अब नही मिलता यातायात परमिट
* पर्यटकों के दिक्कतों का हरसंभव समाधान करेंगे – सीडीओ

कपिलवस्तु (लुम्बिनी प्रदेश)। अजय प्रताप गुप्त । पश्चिमांचल नेपाल के पहाड़ी इलाके में स्थित प्रसिद्ध देवी स्थान सूपा देउराली (अर्घाखाँची) तथा प्रभुनाथ धाम (प्यूठान) आने वाले भारतीय तीर्थयात्री आये दिन वहां के ट्रैफिक पुलिस/ प्रहरी के शोषण का शिकार होने की खबरे हैं।निजी सवारी साधनो से विभिन्न कागजातों के नाम पर उत्पीड़ित किये जाने से धार्मिक पर्यटकों का मन खुश होने की बजाय खिन्न हो जा रहा है।

बताया जाता है कि बॉर्डर से नजदीक व सहज बताए जाने वाले नेपाल के पहाड़ी जिले प्यूठान में स्थित प्रभुनाथ बाबा का स्वर्गद्वारी धाम तथा अर्घाखाँची जिले में पड़ने वाला सूपा देउराली मंदिर भारतीय पर्यटकों की आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां का क्लाईमेट भी लोगों को खूब भाता है।पूरे वर्ष उक्त दोनों धार्मिक पर्यटन स्थलों पर भारी संख्या में भारतीय आते हैं। अधिकांश लोग तो नेपाली बस व टैक्सियों से ही जाते-आते हैं किंतु कुछ लोग अपने दोपहिया व चारपहिया वाहनों से प्रभुनाथ, शिवगढ़ी(धान खोला), सूपा तथा सिद्धबाबा मंदिर (बुटवल) जाते-आते हैं।
वर्तमान में प्रभुनाथ बाबा धाम आने वालो की भारी भीड़ कृष्णनगर -बढनी बॉर्डर पर देखी जा रही है,जिसमे निजी सवारी साधनों से स्वर्गद्वारी आने वालों की भी लंबी कतार कृष्णनगर भंसार पर लगी रह रही है।लोग आरसी, डीएल लेकर नेपाल में गाड़ी का भंसार (कस्टम) कराते हैं।बॉर्डर पर दोनों तरफ सुरक्षा बलों द्वारा गाड़ी नंबर, यात्रियों की संख्या, गंतव्य स्थल आदि भी नोट किया जाता है।बॉर्डर पर लगे प्रहरी, भंसार, एपीएफ, ट्रैफिक पुलिस आदि की जांच प्रक्रिया से गुजर कर जब लोग निजी गाड़ी से गंतव्य हेतु रवाना होते हैं तो जगह-जगह पर भारतीय गाड़ी देख उसकी चेकिंग की जाती है जिससे भारतीयों का मन खिन्न हो जाता है।

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अपने नये कार से सूपा देउराली का दर्शन कर लौटे सिद्धार्थनगर (बांसी) क्षेत्र निवासी रामप्रकाश यादव, शोहरतगढ़ के दिलीप यादव ने बताया कि वो लोग बढनी- कृष्णनगर बॉर्डर से सुपा देउराली गए थे।बॉर्डर से कुछ ही दूर जवाभारी में,फिर पथरकोट नामक जगह पर तथा ठाडा के निकट पुलिस तथा ट्रैफिक पुलिस ने परमिट के नाम पर उनसे पैसा लिया, उन्हें कोई चालान पर्ची पुलिस ने नही दी।इसी प्रकार कृष्णनगर से ही प्रभुनाथ बाबा (स्वर्गद्वारी) आने वालों को भी जवाभारी, बनकस बासा, भालुबांग आदि में शोषण किये जाने की खबरें है।मोटरसाइकिल वालों से 500 व एक हजार तथा कार, जीप वालो से 3 हजार रु. तक लिए जाने खबरें आये दिन आ रही है,जिसमे कुछ को रसीदें मिली हैं। कागजातों के नाम पर खास कर यातायात परमिट के नाम पर उनसे वसूली किये जाने की चर्चा है,जिसके बारे में पर्यटकों को जानकारी नही होती है न ही बॉर्डर पर उन्हें नेपाली ट्रैफिक पुलिस बताती है। इस संबंध में कोई बोर्ड भी सीमा में नही लगाया गया है।जिला प्रशासन, यातायात विभाग,नेपाल प्रहरी के जिम्मेदारों का ध्यान इस तरफ अपेक्षित है ताकि पर्यटन बढ़े और सबंधो में मिठास भी।

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~ इन्सर्ट न्यूज़ ~
भारतीय सवारी साधनों का भंसार सहज ढंग से किया जा रहा है।यातायात परमिट की सुविधा यहां नही, मर्यादपुर-खुनुवा बॉर्डर पर है।हालांकि यहां से अधिक संख्या में गाड़िया नेपाल प्रवेश करती हैं,जिसके लिए जिला प्रशासन तथा यातायात विभाग से समन्वय किया जा रहा है।
*जनार्दन पौडेल*
प्रमुख भंसार अधिकृत
कृष्णनगर, क.व., नेपाल

भारतीय सवारी साधनों को यातायात परमिट व ग्रीन प्लेट दिए जाने की व्यवस्था कृष्णनगर में क्यों नही है,इसके लिए यातायात विभाग व ट्रैफिक से कोआर्डिनेशन करके आफिस खोलवाने का शीघ्र प्रयास किया जाएगा।पर्यटकों की दिक्कतों को दूर करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
*धर्मेंद्र मिश्र*
प्रमुख जिलाधिकारी
कपिलवस्तु, लु.प्र., नेपाल

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