मेरा कोई प्रतिद्वंदी नहीं है, मेरी अपनी ही छवी है : प्रदीप यादव

काठमांडू, १० अक्टूबर –राजनीति में कोई किसी का नहीं है अपना । सबको अपनी और केवल अपनी पड़ी रहती है अगर ऐसा नहीं रहता तो पिछले बार के चुनाव में एक पार्टी से और इस बार दूसरी पार्टी में कोई क्यों मिल जाता ? ये सब पावर और कुर्सी के लिए हो रहा है । ऐसे में ये भी नहीं कहा जा सकता है कि कौन कब किसीका प्रतिद्वंद्वी बन जाए ? चुनाव को लेकर जो आम व्यक्ति में रोचकता होती है वह होती है प्रतिस्पर्धा से । और वो इस बार भी देखने को मिलेगी । यदि हम पर्सा की बात करें तो प्रदीप यादव और लक्ष्मणलाल कर्ण के बीच प्रतिस्पर्धा तो थी ही की बीच में इन्ट्री मार दी है द्विवेदी ने ।
२०७४ साल के चुनाव की बात करें तो पर्सा १ के प्रतिनिधि सभा सदस्य में तत्कालीन संघीय समाजवादी फोरम नेपाल ने जीता था । उस समय निर्वाचित संघीय सांसद प्रदीप यादव ने इस बार भी उसी क्षेत्र से प्रतिनिधिसभा सदस्य में मनोनयन दर्ता करवाया है ।
यादव को टक्कर देने के लिए सत्ता गठबन्धन ने लोकतान्त्रिक समाजवादी के नेता लक्ष्मणलाल कर्ण को उठा दिया है तो इसमें और रोचकता ला दी है अपनी इंट्री देकर अजय द्विवेदी ने । सत्ता गठबन्धन के निर्णय से असन्तुष्ट नेपाली कांग्रेस के पूर्व जिला सभापति अजय द्विवेदी की उम्मेदवारी ने चुनाव को और भी रोचक बना दिया है ।
पूदीप यादव ने राजनीति कहें या उनकी पार्टी की बात करें तो उनकी अच्छी पकड़ है दोनों जगहों में । अपनी जीत को लेकर उन्हें कोई शक नहीं है ।वो कहते हैं कि – ये दोनों मेरे प्रतिद्वंदी है ही नहीं । मैं इन्हें अपना प्रतिद्वंदी नहीं मानता हूँ । क्योंकि मैं जनता के बीच का हूँ, जनता के सुख और दुख में उनके साथ खड़ा रहता हूँ । मैं विकास की बात करता हूँ । युवाओं के प्रति मेरे बहुत रुझान है मैं दूस्रे नेताओं की तरह नहीं हूँ जो एक बार जीत लें तो पलट कर अपने क्षेत्र में नहीं आते हैं । मैं हमेशा अपनी जमीन से जुड़ा रहा हूँ । मुझे मेरे क्षेत्र वासियों पर पूरा यकीन है कि वें मेरा साथ देंगे । सच कहूँ तो जनता मुझे माती है । प्रदीप यादव की अपनी ही छवी है जो हमेशा बनी रहेगी । हिमालिनी रिपोर्ट





