सात वचन क्या आप जानते हैं
शादी में कन्या और वर कौन-से सात वचन निभाने का संकल्प लेते हैं कन्या वर से ये सात वचन मांगती हैंः
- यज्ञ आदि शुभ कार्य आप मेरी सम्मति के बाद ही करेंगे और मुझे भी इस में शामिल करेंगे।
- दान आदि के समय भी आप मेरी सहमति प्राप्त करेंगे।
- युवावस्था, प्रौढÞावस्था और वृद्धावस्था में आप मेरा पालन-पोषण करेंगे।
- धन आदि का गुप्त रुप से संचय आप मेरी सम्मति से करेंगे।
- तमाम तरह के पशुओं की खरीदारी या बेचते समय आप मेरी सहमति लेंगे
- । वसंत, गर्मी, वारिश, शरद, हेमन्त, शिशिर जैसी छहों ऋतृओं में मेरे पालन- पोषण की व्यवस्था आप ही करेंगे।
- आप मेरी संगी-सहेलियों के सामने कभी भी मेरी हंसी नहीं उडÞएंगे, नहीं कभी कटु वचनों का प्रयोग करेंगे। इसी तरह वर द्वारा भी कन्या से वचन मागें जाते हैंः

- आप मेरी अनुमति के बिना निर्जन जगह, किसी उद्यान या बन में नहीं जाएंगी। शराब का सेवन करने वाले मनुष्य के सामने उपस्थित नहीं होंगी।
- जब तक मैं आज्ञा न दूं, तब तक आप पिता के घर भी नहीं जाएंगी।
- इसके अलवा धर्म और शास्त्रों के अनुसार उचित मेरी किसी भी आज्ञा का निषेध नहीं करेगी आदि।
वर का कहना यही होता है कि ये वचन देने के बाद आप मेरे वामांग में स्थित हो सकती हैं। वर-वधू जब एक-दूसरे को वचन दे देते हैं, तब विवाह पर्ूण्ा माना जाता है और दोनों का नयाँ जीवन सुख और सफलतापर्ूवक प्रारम्भ होता है।


