आज भारत रिटेल डिजिटल रुपया करने जा रहा लॉन्च
आज भारत का रिटेल डिजिटल रुपया (Digital Rupee) लॉन्च होने वाला है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च करने की घोषणा कर चुका है। खुदरा डिजिटल रुपए से ग्राहक आपस में लेन-देन के साथ किसी भी दुकान से खरीदारी कर सकेंगे। शुरुआत में इसे चार शहरों और चार बैंकों में लॉन्च किया जाएगा। वहीं, बाद में इसे नौ और शहरों में लाया जाएगा।
अब तक कागज के बने नोट का इस्तेमाल खरीदारी या किसी भी लेन-देन के लिए किया जाता था, लेकिन डिजिटल रुपये के आने से यही काम आप ऑनलाइन कर सकेंगे। इसके लिए रुपये की तरह दिखने वाला डिजिटल नोट जारी किया जाएगा, जो आरबीआई द्वारा चुने गए बैंकों से मिलने वाला है।
इसे रखने के लिए बैंक ग्राहकों को डिजिटल वॉलेट भी मुहैया कराएंगे। हालांकि, इसे जमा करने पर कोई ब्याज नहीं मिलने वाला है। इसे मोबाइल फोन या अन्य डिवाइस में स्टोर किया जा सकेगा और ग्राहक इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की खरीदारी में कर सकेंगे।
कैसे कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?
किसी ऑनलाइन भुगतान की तरह ही डिजिटल रुपये से लेन-देन किया जा सकेगा। इसके लिए ग्राहकों के मोबाइल या किसी अन्य डिवाइस में बैंकों द्वारा एक डिजिटल वॉलेट इन्स्टॉल किया जाएगा, जिसमें इस डिजिटल करेंसी को रखा जा सकता है। ग्राहक खरीदारी के बाद दुकानदार द्वारा दिए गए QR कोड को स्कैन करके इससे भुगतान कर सकेंगे।
आरबीआई कुछ समय पहले आए थोक डिजिटल रुपये (Wholesale Digital Rupees) की तरह ही खुदरा डिजिटल रुपये (Retail Degital Rupees) के पायलट प्रोजेक्ट को भी लॉन्च करने वाली है। इसके सफल होने पर आम जनता के इस्तेमाल के लिए इसे पूरी तरह से जारी कर दिया जाएगा।
फिलहाल, 1 दिसंबर को पहले चरण के रूप में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में इसे शुरू किया जा रहा है। RBI के अनुसार, इस पायलट में भागीदारी के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है।1 दिसंबर से रिटेल डिजिटल रुपये के इस्तेमाल का पहला मौका मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर के लोगों को मिलने वाला है। इसके बाद इसे अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला जैसे शहरों में जारी किए जाने की योजना है।
डिजिटल रुपये की सबसे बड़ा बेनिफिट है कि इससे कैश रखने की झंझट खत्म हो जाएगी। वहीं, डिजिटल रुपया आरबीआइ की तरफ से बैंक देंगे, इसलिए यह वैधानिक होगा। डिजिटल रुपये का इस्तेमाल किसी भी तरह की खरीदारी, बिजनेस, बड़े या छोटे लेन-देन और विदेशों में पैसे भेजने के लिए भी किया जा सकेगा। यहां ध्यान देने वाली बात है कि इससे विदेशों में पैसे भेजने की लागत में भी कमी आएगी।दूसरी तरफ, इसकी वैल्यू मौजूदा करेंसी के बराबर होगी और यह बिना इंटरनेट कनेक्शन के काम करेगा। सरकार को उम्मीद है कि इसके इस्तेमाल से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

