धनुषा के नगराइन में एमाले और कांग्रेस के बीच विवाद
काठमांडू, २८ मंसिर–

धनुषा के नगराइन नगरपालिका कार्यालय का विवाद उत्कर्ष में पहुँच गया है । स्थानीय सरकार सञ्चालन कार्यविधि संशोधन के विषय को लेकर नेकपा एमाले और नेपाली कांग्रेस से नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि के बीच विवाद बढ़ गया है ।
विवाद के कारण नगरसभा नहीं बैठने के कारण कर्मचारी, स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, जनप्रतिनिधियों को तलब भत्ता नहीं मिल पाया है । तलब भत्ता नहीं पाने के कारण पिछले दो सप्ताह से कर्मचारी, शिक्षक आन्दोलन में हैं । विद्यालय बन्द है, पठन पाठन के मांग सहित विद्यार्थी ने भी चार दिन से जनकपुर जटही सिक्सलेन सड़क में चक्का जाम करते आ रहे हैं ।
एमाले से निर्वाचित जनप्रतिनिधि ,स्थानीय सरकार सञ्चालन कार्यविधि २०७४ लागू करने की मांग को लेकर आन्दोलन में हैं । आंदोलन चौतर्फी चल रही है दिन प्रतिदिन द्वन्द्व बढ़ता ही जा रहा है । नगरपालिका कार्यालय, शिक्षण संस्था, स्वास्थ्य चौकी के साथ ही अन्य सरकारी निकाय पूर्ण रुप से बंद है ।
विवाद का मूल जड़ स्थानीय सरकार सञ्चालन कार्यविधि है । २०७४ में मेयर और उपमेयर सहित बहुमत कार्यपालिका सदस्य में कांंग्रेस की जीत हुई थी । उसने २०७६ साल में कार्यविधि में दो सूत्रिय संशोधन किया था ।
कार्यविधि की दफा ४ के उपदफा (ग) में यह प्रवधान था कि ‘नगरपालिका स्तरीय आयोजना सञ्चालन के लिए उपभोक्ता समिति के गठन करने के लिए कार्यपालिका द्वारा तय की गई कार्यपालिका के सदस्य या कार्यालय के प्रतिनिधि को साक्षी रखने की व्यवस्था थी ।
कांग्रेस और एमाले में क्यों विवाद हो रहा है ?क्यों
२०७४ में यहाँ मेयर, उपमेयर सहित बहुमत कार्यपालिका सदस्य कांग्रेस से निर्वाचित हुए थे । २०७९ के निर्वाचन में एमाले ने मेयर बाहेक उपमेयर सहित बहुमत सदस्य जीता है । १९ लोग कार्यपालिका सदस्य में मेयर सहित ६लोग ही कांग्रेस के हैं ।
एमाले से निर्वाचित जनप्रतिनिधि कार्यविधि में किए गए सशोधन को हटाना चाहती है । और कांग्रेस के लोगों का कहना है कि २०७४ का ही कार्यविधि ठीक है । इसी बात को लेकर विवाद चल रही है ।

