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कांग्रेस संसदीय दल के नेता के लिए संस्थापन पक्ष से सभापति देउवा अकेले ही दावेदार हैं ।

 

काठमांडू, ५ पुस –

चुनाव खत्म होने के बाद से ही सभी दल अपने अपने पक्ष में काम करने में जुट गए हैं अर्थांत् कोई न कोई पद तो चाहिए सो लगे है दौड़धूप में । इसी बीच संसदीय दल के नता को भी चुना जा रहा है । तो कांग्रेस संसदीय दल के नेता के लिए संस्थापन पक्ष से सभापति शेरबहादुर देउवा अकेले ही दावेदार हैं । कुछ नेताओं ने अपनी ईच्छा व्यक्त की थी जिनमें वरिष्ठ नेता रामचन्द्र पौडेल, डा. शशांक कोइराला और प्रकाशमान सिंह थे लेकिन वें सभी अब लगभग पीछे हट चुके हैं ।
पार्टी के नेताओं का कहना है कि सर्वसम्मत रुप से चुनाव होने में पार्टी को फायदा है, जो सबके लिए बेहतर है । देउवा के निकट के नेताओं का कहना है कि संस्थापन से सभापति देउवा को सर्वसम्मत उम्मीदवार बनाने के प्रयास में प्रगति हुई है । सभापति संसदीय दल के नेता के पद के लिए लड़ने की आकांक्षा किसी ने नहीं दिखाई । सभी यही चाहते हैं कि पार्टी की भलाई जिसमें हो वही काम होनी चाहिए ।
वैसे संस्थापन से आकांक्षा रखने वाले वरिष्ठ नेता पौेडेल ने अपनी बात को स्पष्ट नहीं कहा है कि वो क्या चाह रहे हैं । स्त्र्रोत अनुसार वो अभी भी पार्टी के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं । इधर शशांक कोइराला ने भी कह दिया है कि सभापति देउवा ही संसदीय दल के नेता में उपयुक्त होंगे । नेता प्रकाशमान सिंह सभापति देउवा के साथ निरन्तर चर्चा कर रहे हैं । । सभापति देउवा भी तीनों नेताओं के साथ लगातार बातें कर रहे हैं ।

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कांग्रेस संसदीय दल के विधान अनुसार २०७४ में दल के नेताओं की व्यवस्था है । संसदीय दल में रहे प्रतिनिधि सभा के सदस्य से एक से ज्यादा दावेदार रहने की अवस्था में निर्वाचन होने की व्यवस्था है ।
दफा ६ में सम्पूर्ण सदस्यों की ५० प्रतिशत से ज्यादा मत लाने वाले उम्मीदवार दल को नेता बनाने की व्यवस्था है । यदि दो से ज्यादा प्रतिस्पर्धी है तो इस अवस्था में पहले चरण में यदि किसी ने भी ५० प्रतिशत से ज्यादा मत नहीं ला सकी तो निर्वाचन तीसरे चरण में प्रवेश करेगा ।
निर्वाचन कराने और निर्वाचन करने की प्रक्रिया निर्धारण करने का केन्द्रीय समितिले निर्वाचन समिति बनाने की व्यवस्था है । शनिवार कांग्रेस कार्यसम्पादन समिति की बैठक ने सहमहामन्त्री भीष्मराज आङ्देम्बे के संयोजकत्व में केन्द्रीय सदस्यों पुष्पा भुसाल और प्रकाश रसाइली स्नेही सदस्य बनाकर तीन सदस्यीय समिति गठन की है ।
अंकगणित अनुसार कांग्रेस के ५७ प्रत्यक्ष और ३२ समानुपातिक करके ८९ सांसद होने की अवस्था में निर्वाचन जितने के लिए ४५ मत आवश्यक है । परिणाम को देखते हुए संस्थापन समूह में ३३ प्रत्यक्ष और २२ समानुपातिक करके ५५ सांसद हैं तो संस्थापन इतर समूह में २४ प्रत्यक्ष (महामन्त्री विश्वप्रकाश शर्मा को भी शामिल करके । साथ ही १० समानुपातिक करके ३४ सांसद हैं । देखें आगे क्या होता है । अभी तो ऐसा ही लग रहा है कि कांग्रेस संसदीय दल के नेता के लिए संस्थापन पक्ष से सभापति शेरबहादुर देउवा अकेले ही दावेदार हैं ।

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