Global Kayastha Conference (GKC) का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न
तिथि १७-१८ दिसम्बर, २००२२ को द्विदिवसीय जी॰के॰सी॰ (ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ़्रेन्स) की राष्ट्रीय अधिवेशन भारत क़ी राजस्थान राज्य का उदयपुर शहर में किया गया है। इस कार्यक्रम में भारत के पूर्व प्रधान मन्त्री जी क़ी पौत्री श्रीमती चयनिका वर्मा, उत्तर प्रदेश की पूर्व राज्यमन्त्री श्रीमती रिबु श्रीवास्तव, उद्योगपति एल एन माथुर, कूलपति भटनागर, भारत के विभूति के रूपमे परिचित बुद्धिजीवी पत्रकार इंकू श्रीवास्तव, लगायत भारत के कयी अभिनेता, कलाकार , जीकेसी के वैश्विक अध्यक्ष श्री राजीव रंजन , प्रबन्धन्यासी श्रीमती रागिनी रंजन, सी.एफ.ओ. श्रीमती निशका रंजन , वैश्विक बरिस्ठ उपाध्यक्ष एवं ओवर्सीज़ कुवेत अध्यक्ष श्री अखिलेश श्रीवास्तव, वैश्विक महासचिव तथा भारत के राष्ट्रीय तीर्थ “ प्रताप गौरव केन्द्र “ के निर्देशक श्री अनुराग सक्सेना , अरब अमीरात के अध्यक्ष तथा नेपाल प्रतिनिधि इंजिनियर श्री मितेश कुमार कर्ण, राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्षा श्रीमती रचना सक्सेना, वैश्विक संगठन सचिव श्री शुभ्रांशु शेखर लगायत के राजस्थान प्रकोष्ठ एवम् कला प्रकोष्ठ के तथा सम्पूर्ण राज्य के विभिन्न अध्यक्ष तथा पदाधिकारी ने अपनी बातें रखी तथा विचारों को आदान प्रदान कर नीति संकल्प लिया और आगे की भावी सामाजिक कार्यनीति तथा आर्थिक एवं राजनैतिक प्रस्ताव पारित करते हुए रणनीति तय किया!
श्रीमती चयनिका वर्मा ने कायस्थों के शराफ़त को दुरुपयोग कर राजनैतिक एवम् सामाजिक रूप से दमन किए जाने के कारण बदलाव की ज़रूरत पे प्रकाश डाली। उद्योगपति श्री एल एन माथुर सामाजिक दूरी तथा शर्म त्याग कर एक दूसरे हेतु बेहिचक सहयोगार्थ खुलके आने के साथ रोज़गारमूलक कार्य और सहयोग हेतु संकल्पित होने की बात किया। कूलपति भटनागर ने वृक्षके जड़ों से जड़ोंकी कड़ी के तरह कायस्थों को जुड़ने की आवाहन किया। श्रीराजीव रंजन ने कायस्थों के राजनैतिक हिस्सेदारी पे सशक्त हो सामने आने की बात कही। दुबई से आकर भी जीकेसी के राष्ट्रीय अधिवेशनमें नेपाल के नागरिक इंजिनियर मितेश कुमार कर्ण ने राजस्थान के भटनागर, माथुर, सक्सेना, भटनागर, कर्ण लगायत के सभी कायस्थों को औद्योगिकरण, राजनैतिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक रूपसे खुलके आगे आकर एकीकृत हो अग्रसर होने के साथ साथ विश्व के सम्पूर्ण कायस्थों को खुद्को बुलंदी पे ले जाने हेतु आपस में बारहों शाखाओं को एक हो अग्रसर होने पे जोड़ दिया। कायस्थोंको बहुमुखी शीघ्र विकास हेतु व्यापारिक और व्यावसायिक होने के लिए आग्रह किया। उन्होंने टेक्सटाइल , लघुउद्योग, गारमेंट्स उद्योग लगायत सामाजिक हित हेतु शक्ति संचय पे जोड़ दिया। उन्होंने नेपाल तथा अरब अमीरात से कायस्थों के सम्पूर्ण सहयोग रहने की अपेक्षा तथा विगत के नेपाल जीकेसी के कार्यों से सफलता से अवगत कराया और नेपाल भारत के अच्छे सम्बन्ध क़ायम करते हुए वैश्विक छाता संगठन जीकेसी में सम्पूर्ण नेपाल के भी कायस्थों को जोड़ने हेतु निवेदन किया।

