Sun. Jun 14th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

नेपालगंज में 36हजार किशोरीओं को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धि प्रशिक्षण

 

नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । बाँके जिला के नेपालगन्ज में सामुदायिक अगुवाओं का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन पौष ५ गते मंगलवार को सम्पन्न हुआ है ।

आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दिया गया जानकारी अनुसार किशोर लोग ने स्वयं परिचालित होकर एक वर्ष के अवधि में ३६ हजार से अधिक महिलाएँ और किशोरीओं को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार सम्बन्धि सन्देश दिया गया है ।

आइपास नेपाल ने साझेदार संस्थाओं से मिलकर नेपालगन्ज स्थित रहा सिद्धार्थ भ्यू होटल में पौष ४ और ५ गते दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था । सामुदायिक अगुवाओं का दो दिवसीय सम्पन्न राष्ट्रीय सम्मेलन में नेपाल के विभिन्न ८ जिला के  सामुदायिक अगुवाओं की सहभागिता रही थी जैसे पाल्पा, रोल्पा, अर्घाखाँची, बाजुरा, अछाम, डोटी, कैलाली और डडेल्धुरा जिला के सामुदायिक अगुवा रहें थे ।  १ सौ ५६ लोग अगुवा महिला और किशोरी परिचालन होकर १ वर्ष के अवधि में ३६ हजार से अधिक यौन तथा प्रजनन् स्वास्थ्य अधिकार सम्बन्धी जनचेतना फैलाया गया है आइपास नेपाल के राष्ट्रीय निर्देशक जगदिश्वर घिमिरे ने पत्रकार सम्मेलन में बताया ।

पत्रकार सम्मेलन में सामुदायिक अगुवाओं ने महिला और किशोरकिशोरियों को स्थानीय सरकार और स्वास्थ्य संस्थाएँ में यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार सम्बन्धि पैरवी के लिये खबरदारी करने की कार्य भी किया गया है । आइपास नेपाल ने सन् २००२ से नेपाल में सुरक्षित गर्भपतन तथा गर्भनिरोध की साधन की पहुँच बढाने में नेपाल सरकार की विभिन्न निकायएँ की समन्वय में और सहकार्य में काम करते आया है आइपास नेपाल के आइपास नेपाल के कार्यक्रम विकास तथा सञ्चार विशेषज्ञ अमित तिमिल्सेना ने पत्रकार सम्मेलन में बताया  ।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 13 जून 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

आइपास नेपाल ने साझेदार संस्थाएँ से समन्वय करके दो दिवसीय सम्मेलन की आयोजन किया । समुदाय में महिला तथा किशोरियों ने असुरक्षित गर्भपतन से अधिक लोगों की जान बचाया है इस सफलता को मनाने के लिये आयोजन किया गया । यह राष्ट्रीय सम्मेलन ने लैङ्गिक हिंसा के बिरुद्ध की १६ दिने अभियान और अन्र्तराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर यह सम्मेलन की आयोजन किया गया है बताया ।

असुरक्षित गर्भपतन से अधिक लोगों की मौत होती है उन की जान बचाने में सफलता १५६ लोग महिला और किशोरी स्वयं परिचालित होकर एक वर्ष के अवधि में ३६ हजार से अधिक महिलाएँ और किशोरियों को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार सम्बन्धि सन्देश पहुँचाया गया है । आइपास नेपाल ने ऐसे  सामुदायिक अगुवाओं को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार, लैङ्गिक और सामाजिक मूल्य मान्यता, लैङ्गिक हिंसा, सुरक्षित गर्भपतन और परिवार नियोजन और कुछ जगह में जलवायु परिर्वतन जैसी बिषय पर तालिम देकर समुदाय में यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार में अपनी इस क्षेत्र की बिकास करने में प्रेरित किया है ।

आइपास नेपाल ने इसी तरह तालिम दिया गया महिला और किशोरियों को  सामुदायिक अगुवा कहा जाता है । नेपाल में अभी भी असुरक्षित गर्भपतन से  महिला और किशोरी की मौत होती रही है ।

सामुदायिक अगुवाओं की परिचालन के बा में किया गया एक अध्ययन से वो लोगों ने असुरक्षित गर्भपतन सम्बन्ध में समुदाय की बुझाई में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया गया दिखाई पडी है । सम्मेलन में लुम्बिनी प्रदेश क पाल्पा, रोल्पा, और अर्घाखाँची, सुदूरपश्चिम प्रदेश के बाजुरा, अछाम, डोटी, कैलाली और डडेल्धुरा जिला में अभी इस प्रकार की कार्य संचालित है । सामुदायिक अगुवाओं ने  व्यक्ति की व्यवहार परिवर्तन करने की क्षमता बिकास कि है लेकिन महिला और किशोरियों को अपने ही श्रीमान, सास और माता पिता से यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार सम्बन्धि बातें करने में सक्षम बनाने में सहयोग किये है ।

यह भी पढें   सत्तापक्ष और विपक्षी दलों बीच वार्ता....प्रतिनिधि सभा की बैठक कुछ देर के लिए स्थगित

सामुदायिक अगुवाओं ने महिला और किशोरियों को स्थानीय सरकार और स्वास्थ्य संस्थाएँ में जाकर यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार पैरवी करने भी सक्षम बनाने में सहयोग किया है । साथ साथ समुदाय में सामाजिक और लैङ्गिक मूल्य मान्यता में सकारात्मक परिवर्तन भी आई हैं ।

आइपास नेपाल के राष्ट्रीय निर्देशक जगदिश्वर घिमिरे के अनुसार “ जव सिमान्तकृत महिला और किशोरियों की यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार में आत्मबल बढती है, वो लोग समुदाय में रही हानिकारक सामाजिक व्यवहार जैसे बाल बिवाह, असुरक्षित गर्भपतन, लैङ्गिक हिंसा को घटाने मद्दत मिली दिखाई पडी है यसी तरह स्वास्थ्य संस्था और स्थानीय सरकार को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार की सम्बन्ध में थप जिम्मेवार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है ।” उन्हों ने कहा “सामुदायिक अगुवाओं को अभी भी अपने आसपास रहें अधिक से अधिक महिला तथा किशोरियों के समक्ष पहुँच ने में प्रेरित करना पडता है, यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार सम्बन्ध में रही उपलब्धियों को और  बढाना पडेगा । वो लोगों को यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकार सम्बन्धि समुदाय में रही समस्याएँ की मूख्य कारक तत्व लैङ्गिक असमानता, श्रोत और सेवाएँ में पहुँच की कमी, रही नीति नियमों की कार्यान्वयन न होना तथा विध्यमान चुनौतीयाँ और नई नई चुनौतीयाँ जैसे जलवायु परिवर्तन और इसकी  प्रजनन स्वास्थ्य में दिखाई पडी असर के बारे में आवश्यक जानकारी न होना  आदि को हटान में प्रेरित करती है ।”

यह भी पढें   भारत का महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सखुआ प्रसौनी में योग सत्र का आयोजन

इसी तरह वह पत्रकार सम्मेलन में अछाम जिला के पानीगढी जगगढ गावँपालिका वार्ड नंं.–५ की वडा सदस्य भी रही सामुदायिक अगुवा राधा कुमारी साउद ने कहा पहले से अभी कहा जाय तो अधिक अपने गावँ,टोल में परिवर्तन आयी है बतायी, उन्हों ने कही विभिन्न महिला समूह, गावँटोल, समाज में प्रजनन स्वास्थ्य सम्बन्धी सचेतना फैली है हम लोगों ने परिर्वतन की अनुभूती किया है बताते हुये छाउपडी प्रथा को समेत निरुत्साहित करने में हम लोग प्रयास में लगे हैं बतायी । ऐसे ही वह पत्रकार सम्मेलन में साझेदार संस्था की तर्फ से ममता खत्री ने सामुदायिक अगुवाओं स्थानीय बासिन्दा होने के नाते से भी जनचेतना की काम करने अधिक सहज मिली है बतायी लेकिन अभी भी समुदाय में काम करना तो त चुनौती ही रही है बतायी ।

सामुदायिक अगुवाओं ने विभिन्न जिला में किया कार्य की अनुभव आदान–प्रदान करना, सामुदायिक सहभागिता, सशक्तिकरण तथा परिवर्तनकारी मार्ग की सम्भाव्यता पहिचान करने की उद्देश्य से पहली बार सामुदायिक अगुवाओं की राष्ट्रीय सम्मेलन नेपालगन्ज की सिद्धार्थ भ्यू होटल में आयोजन किया गया है पत्रकार सम्मेलन में बताया गया ।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *