मदन मोहन मालवीय महामना की आज १६१वीं जन्म जंयति मनाई गई
काठमांडू, १० पुस
भारत रत्न सम्मान से सम्मानित मदन मोहन मालवीय महामना की आज १६१वीं जन्म जंयति आज काठमांडू के लैनचोर स्थित उपराष्ट्रपति भवन मनाई गई । यह कार्यक्रम मदन मोहन मालवीय मिशन नेपाल द्वारा आयोजित की गई थी ।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रुप में शामिल नेपाल के उपराष्ट्रपति नंदबहादुर पुण ने अपने मन्तव्य में कहा कि मालवीय जी समाज के लोगों की सेवा में सदैव आगे रहा करते थे । काशी हिन्दूविश्वविद्यालय ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से जो नेपाल में भूमिका निभाई है, साथ ही मालवीय ने न केवल भारत वरन सम्पूर्ण विश्व में चेतना स्तर बढ़ाने में जो यागदान दिया है उसकी प्रशंसा की ।
कार्यक्रम में श्रीमद् भगवद गीता और आज के संदर्भ में मालवीय के विचार पर परिचर्चा की गई ।
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रुप में भारतीय राजदूतावास के डीसीएम ने प्रसन्न श्रीवास्तव ने अपने मन्तव्य में मदन मोहन मालवीय मिशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि – आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं । हमें मदन मालवीय से बहुत कुछ सिखना है । अपने मन्तव्य में उन्होंने आज के लिए विषय ‘श्रीमद् भगवद गीता और आज के संदर्भ में मालवीय के विचार ’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मालवीय जी ने भगवद् गीता को अपने जीवन सार बनाया । जब उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की तब भी गीता का विचार उनके मन में था । उनके पास पैसे नहीं थे । साधनों की कमी थी फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना कर्म करते गए । उन्होंने अपने मन्तव्य में नेपाल भारत के संबंधों पर भी चर्चा की ।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से अध्ययन कर समाज और देश विकास में दिए योगदान के लिए आज के कार्यक्रम में पुष्पलाल लुइटेल तथा ईश्वरचन्द शर्मा को सम्मानित किया गया ।


