उम्मीदों का इन्द्रधनुष’ (कैंसर यौद्धाओं को समर्पित काव्यांजलि)
101 सकारात्मक भारतीय तथा प्रवासी भारतीयों द्वारा रचित काव्य सुमन।
पुस्तक समीक्षा : मुकेश भटनागर
पत्रकार, साहित्यकार, समाज सेवी
विश्व कैंसर दिवस 4 फरवरी उपलक्ष में
‘उम्मीदों का इन्द्रधनुष’
(कैंसर यौद्धाओं को समर्पित काव्यांजलि)
कहते है डूबते को तिनके का सहारा भी प्रेरणा स्रोत बन जाता है। ‘उम्मीदों का इन्द्रधनुष ‘ एक ऐसा ही काव्य संरचना है जो कैंसर जैसे भयावह बिमारी से जूझ रहे रोगियों के लिए संजीवनी समान है।
कैंसर एक गम्भीर रोग है, जो मानव शरीर के स्वस्थ अंगों पर आक्रमण करते हुए मृत्यु तक अपने पांव पसार देता है। ऐसा भी देखा गया है यथोचित उपचार के बावजूद, कैंसर रोग से पीड़ित व्यक्ति, हतोत्साहित और स्वयं को नाउम्मीदी से जकड़ लेते हैं जो उसके उपचार में न केवल बाधक अपितु घातक तक साबित हो जाता है। ऐसे में रोगी को उम्मीद, होंसला और प्रफुल्लित रख पाना एक प्रकार से संजीवनी बन सकता है।
कैंसर योद्धाओं को समर्पित “उम्मीदों का इंद्रधनुष’ मदरहुड क्लब की फाउंडर सुश्री एकता सहगल मल्होत्रा, व इसी स्वयंसेवी संस्था की चीफ हैप्पीनेस ऑफिसर सुश्री इला पचौरी तथा जानी मानी ओनकोलोजिस्ट ( कैंसर स्पेशलिस्ट) डॉ इन्दु बन्सल द्वारा यह काव्य संग्रह संकलित किया गया है। यह काव्य संकलन सभी कैंसर योद्धाओं के साथ साथ उनके परिजनों, परिचारकों, और चिकत्सकों के लिए सकारात्मक ऊर्जा से भरी कविताओं का खूबसूरत संग्रह है जो मेरी दृष्टि से निःसंदेह प्राणदायनी है।
पुस्तक में समाहित 101 उर्जावान कविताओं की रचना भारत के विभिन्न राज्यों एवं प्रांतों में बसे आम नागरिकों ने की है तथा कुछ प्रवासी भारतीय और विदेशी नागरिक भी शामिल है। ‘उम्मीदों का इंद्रधनुष’ इस प्रकार एक अभूतपूर्व पहल है जिसमें कैंसर को पराजित करने वाले योद्धा भी शामिल हैं। 59 कविताएं हिन्दी भाषा में है और 42 कविताएं अंग्रेजी भाषा में है। गौरतलब यह बात है इनमें 78 महिलाएं, 22 पुरुष और एक प्राइमरी कक्षा का छात्र है। आशा का दीप प्रज्ज्वलित करती प्रत्येक कविता स्वयं में प्रार्थना स्वरूप है। जहां रचनाकार अवसाद में घिरे व्यक्तियों के लिए उम्मीद की लौ जला रहे हैं जो सामान्य पाठक के लिए भी प्रेरणा स्रोत है।
डॉ एस. हुक्कू, चेयरमैन रेडिएशन ओनकोलोजिस्ट, मेक्स बी.एल.के. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल,नई दिल्ली जिन्हें कैंसर चिकित्सा में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है और विश्व के बेहतरीन कैंसर सेंटर एवं अस्पतालों से प्रशिक्षित है अपनी प्रस्तावना में लिखते है – ‘कविता एक ऐसा माध्यम है जो अवसाद और अकेलेपन के बंद द्वारों को खोलती हैं, मन के बोझ को कम करती है जिससे जीवन की बेहतर चीजों के बारे में सोचने में मदद मिलती है, कैंसर की रिकवरी में यह पुस्तक प्रतिरक्षा बूस्टर के रूप में कार्य कर सकती है।’
मदरहुड क्लब के संस्थापक मंडल एवं संकलनकर्ताओं द्वारा यह निर्णय लिया गया कि पुस्तक से प्राप्त पूर्ण राशि उन कैंसर योद्धाओं के उपचार में व्यय की जाएगी जो परिवार सक्षम नहीं है। अतः ‘उम्मीदों का इन्द्रधनुष’ की प्राप्ति के लिए सुश्री एकता सहगल ( 9971477004 ) सुश्री इला पचौरी (9971155281) से अपनी पुस्तक सुरक्षित करें तथा अंतरराष्ट्रीय कैंसर दिवस 4 फरवरी को सार्थक बनाएं।


