नेपाल 2026 तक जलविद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा : घीसिंग
काठमांडू।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक कुलमन घीसिंग ने दावा किया है कि नेपाल 2026 तक जलविद्युत के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा। मंगलवार को काठमांडू में आयोजित नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र में वित्तीय निवेश कार्यक्रम में बोलते हुए निदेशक घीसिंग ने कहा कि जल विद्युत उत्पादन क्षमता में हालिया वृद्धि के कारण देश 2026 तक शुष्क मौसम में भी आत्मनिर्भर हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि हम जलविद्युत में आत्मनिर्भर भी हो जाते हैं तो भी उस समय 2500 मेगावाट बिजली अधिक होगी। उन्होंने बताया कि 2035 तक नेपाल की बिजली उत्पादन क्षमता 8,000 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि नेपाल की जलविद्युत उत्पादन क्षमता 2,544 मेगावाट है और हाल के वर्षों में हर साल बिजली उत्पादन में 800 मेगावाट की वृद्धि हो रही है।
निदेशक घीसिंग ने यह भी कहा कि 2042/43 तक 20,000 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “निजी क्षेत्र ऊर्जा में निवेश कर रहा है।” पनबिजली उत्पादन के लिए पीपीए के लिए 11,000 मेगावाट पाइपलाइन में हैं। लगभग 7,000 मेगावाट पीपीए पूरा हो चुका है। इससे 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है। लगभग 5 हजार पीपीए के माध्यम से वित्तीय निवेश के साथ आगे बढ़ चुके हैं और लगभग 3 हजार वित्तीय निवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसे निजी क्षेत्र से निवेश बढ़ाने की भी जरूरत है। अभी उत्पादन क्षमता 2544 मेगावाट है। इसमें सौर 70 मेगावाट है। हर साल 800 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ रहा है। अनुमान है कि पिछले पांच वर्षों में 7000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। बिजली उत्पादन और बिजली की खपत में भी निवेश करने की जरूरत है। निर्यात और घरेलू खपत के लिए एक ट्रांसमिशन लाइन भी बनाई जानी चाहिए। ऐसा लगता है कि 2035 तक मांग 8 हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इस तरह अनुमान है कि वर्ष 2042/43 तक यह 20,000 तक पहुंच जाएगा।

