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संयुक्त राष्ट्र द्वारा बच्चों को खिलाने के लिए भेजा गया चावल गुणस्तरहीन

 

काठमांडू, १९ फागुन–

 

 

 

 

राष्ट्रसंघ द्वारा विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्लूएफपी) के अन्तगत्र्त बालबालिका दिवा खाजा कार्यक्रम के लिए नेपाल भेजे गए चावल गुणस्तरहीन होने की पुष्टि की गई है ।
डब्लूएफपी ने सुदूरपश्चिम के अछाम, बाजुरा, बझाङ और कर्णाली के हुम्ला जिला में १–५ कक्षा के बच्चों के लिए दिन का नाश्ता कार्यक्रम शुरु किया है । इसी के लिए संयुक्त राष्ट्र संध ने बच्चों को खिलाने के लिए जो ५४ हजार किलो चावल भेजा है । वह चावल गुणस्तरहीन चावल है ।
इससे पहले सूत्रों के अनुसार दातृ निकाय के वस्तुों को ऑनलाइन भन्सार स्वघोषणा के बाद बिना परीक्षण ही भन्सार जाँच पास हो गई थी । लेकिन इस बार अनुदान के खाद्यान्न में कैफियत होने की सूचना पाने के बाद कागजात जाँच और वस्तु के गुणस्तर परिक्षण प्रक्रिया में लगी ।
सूत्रों के अनुसार १७ माघ में नेपालगञ्ज भन्सार पहुँचे तीन कन्टेनर चावल जाँच पास होेने के क्रम में ही उससे गन्ध आने की बात कही । उनका कहना कि ‘खाद्य ऐन ने अखाद्य कहने के बाद तो भन्सार पास कर ही नहीं सकती है ।
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने भी चावल में कैफियत होने की बात को स्वीकार किया है । ‘सरकारी निकाय से चावल के गुणस्तर के बारे में जानकारी पाने के साथ ही साथ डब्लुएफपी ने कहा कि नेपाल स्वयं ने जब चावल देखा तो चावल पानी में भींगा हुआ था । इसी कारण् से चावल में गन्ध आ रही थी ।

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