श्रम ऐन मे लचकता लाने की जरुरत : शेखर गोल्छा
११ अप्रील, काठमांडू, काविता कर्ण । गोल्छा अर्गनाइजेनशन के कार्यकारी निर्देशक शेखर गोल्छा ने कहा है कि पुँजीनिवेश को आकषिर्त करने के लिये देश के श्रम ऐन मे लचकता लाने की जरुरत है । गोल्छा अर्गनाइजेनशन ने देश मे करिव १७ हजार लोगों को रोजगारी प्रदान कररहा है ।
गोल्छा ने कहा है कि कोइ भी देश मे लगानी को आकषिर्त करने के लिये उस देश मे लागु किये गये श्रम ऐन की मूख्य भूमिका होती है इसलिये नेपाल मे भी श्रम ऐन मे कुछ संसोधन करने की आवश्यकता है । नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के निर्वाचन मे एसोसियट की ओर से उपाध्यक्ष पद के दावेदार गोल्छा ने कहा कि श्रम ऐन लगानीकर्ता का विश्वास जितने लायक होना चहिये ।
‘श्रम ऐन केवल श्रमिक को ही नही बल्कि उद्यमी और व्यवसायी को भी संरक्षण करना चहिये । उन्होने अनलाइनखबर के साथ हुई बातचित के दरमियान यह बात कही । ‘जिस देश मे केवल श्रम सुरक्षा के लिये ही ऐन बनाया गया है,उस देश मे अभी भी उद्योग व्यवसाय मन्द गति से चल रही है ।
अभी नेपाल मे वाषिर्क साढे ४ से ५ लाख रोजगारी सिर्जना करने की आवश्यकता है । इसके लिये बडी लगानी की आवश्यकता है । इसकेलिये एकमात्र विकल्प वैदेशिक लगानी है । जिसकेलिये केवल श्रम ऐन ही नही वल्कि लगानी से सम्बन्धित सभी ऐन कानुन को मितव्यायी बनाना चहिये ।

