घोडे जात्रा उत्सव आज विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के साथ मनाया जा रहा
काठमांडू 21 मार्च।
हर साल चैत्र कृष्ण औंसी के दिन मनाया जाने वाला घोडे जात्रा उत्सव आज विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर विशेष रूप से काठमांडू घाटी में मनाया जा रहा है।
प्रचलित मान्यता के अनुसार टुंडीखेल के पूर्व-दक्षिण दिशा में एक पेड़ पर रहने वाला गुरुमापा नामक राक्षस नगर के बच्चों को खा जाता था। पीड़ित स्थानीय लोगों ने उसकी हत्या कर दी। स्थानीय निवासियों को डर था कि राक्षस का भूत फिर से जाग सकता है और बच्चों को नुकसान पहुँचा सकता है।
इसी वजह से हर साल चैत्र कृष्ण औंसी के दिन गुरुमापा की आत्मा को एक घोड़े द्वारा कुचल दिया जाता है। साथ ही आज रात उसी पेड़ के नीचे गुरुमापा को भोजन भी कराया जाता है ताकि शहर में किसी बच्चे को कोई खतरा न हो। ऐसा करने के बाद राजधानी वासियों का मानना है कि गुरुमापा से साल भर बच्चों को खतरा नहीं रहेगा।
नेपाली सेना की ओर से टुंडीखेल में आज घुड़सवारी, मोटरसाइकिल खेल, शारीरिक व्यायाम, मार्शल आर्ट आदि का प्रदर्शन किया जाएगा। ललितपुर में आज भी युवा घोड़े को दौड़ाकर घोड़ाजात्रा मनाने की परंपरा है। इस अवसर पर सरकार ने काठमांडू घाटी में सार्वजनिक अवकाश भी दिया है।

