जनकपुर में रामावतार महोत्सव: फोटो सहित
जनकपुरधाम । आज चैत्र शुक्ल नवमी इस पावन भूमि के लिए अहोभाग्य का दिवस है। आज ही के दिन इस धरती को धन्य करने तथा पाप का अंत और पापियों का विनाश करने के लिए अखिल ब्रह्माण्ड नायक श्रीराम प्रकट हुए थे। जनकपुर बासी अपने प्यारे राम के जन्म दिन को उमंग और महोत्सव के रूप में मनाते हैं। जनकपुर के अनेक क्षेत्रों राम जन्मोत्सव का दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य सहज ही प्राप्त किया जा सकता है। आज मिथिला के हर गली से बधाई गीत और जय श्री राम के नारे गूंजते सुनाई दे रही है।
विशेष रूप से आज जनकपुर में संरचना नेपाल के अध्यक्ष श्री भरत सिंह जी, समाज विकास युवा केंद्र के अध्यक्ष सुनील कुमार राय जी लागायत रामानुरागी अमरचंद्र अनिल जी के व्यवस्थापन में ज्ञानकूप से (शोभा यात्रा) रथयात्रा निकाला गया। जनकपुर नगर के सभी प्रमुख स्थलों का परिक्रमा करते हुए जानकी मंदिर प्रांगण में नगर बासी सहित सम्पूर्ण हिंदू धर्माबलंबियों को हार्दिक बधाई अर्पण किया गया। उधर विश्व हिंदू परिषद, हिंदू सम्राट सेना जैसे अनेकों संस्थाओं ने गांव गांव में रैली, शोभा यात्रा, रथ यात्रा और सत्संग – संभाषण कार्यक्रम का आयोजन कर इस पावन अवसर को अविस्मरणीय बनाने में तल्लीन हैं। साथ ही आज संध्या में जनकपुर राम मंदिर प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इधर जलेश्वर महादेव मंदिर में भी दीप प्रज्ज्वलन तथा रैली आयोजन की जानकारी विश्व हिंदू परिषद के महोत्तरी जिला अध्यक्ष श्री ब्रजेश कुमार झा से प्राप्त हुआ है।
राम ही मानवता और हमारी संस्कृति और सभ्यता का आधार हैं। राम से ही सनातन हिन्दू समाज संरक्षित और संपोषित होता आया है। राम के क्षमा शीलता, न्याय प्रियता और दुष्ट दलनता ही हमारी मौलिक वैचारिक विरासत है। माता जानकी के अपमान के बदले उन्होंने लंका नगरी को प्राणहीन कर दिया था तो माता सबरी के प्रेम के कारण झूठे बेर तक ग्रहण करने में संकोच नहीं किया था। यह दिव्य संदेश ही आज हमारे लिए कवच कुंडल बन सकता है। हमें चाहिए कि हमारे युवा पीढ़ी अपनी इस दिव्य विरासत को गंभीरता से ग्रहण करे। चिंतन और मनन करें।

