भारत में सन्त दीन दयाल जी महाराज को सम्मान किया गया
नेपालगन्ज -बाँके_ पवन जायसवाल । मित्र राष्ट्र भारत के नई दिल्ली में नेपाल के प्रसिद्ध महात्मा सन्तश्री दीन दयाल जी महाराज को सम्मान किया गया है । उन को भारत के प्रसिद्ध र्धािर्मक प्रतिष्ठान पशुपति अखाडाद्वारा “धर्माचार्य” पद से विभूषित करके सम्मान किया गया है ।
उन को एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम में प्रदान किया गया सम्मान– पत्र में बाल्यकाल से ही नेपाल के भितर अन्य मुलुक में सनातन धर्म को श्रीवृद्धि और उन्नयन के लिये निरन्तर सेवारत सन्त श्री दीन दयाल प्रतिष्ठान के संस्थापक तथा संरक्षक भी रहे सन्त श्री दीन दयाल जी महाराज वैदिक ऋषि परम्परा, सनातन धर्म, सनातन संस्कृति और पश्चिम नेपाल के नेपालगन्ज खजुरा में स्थापित क्यान्सर अस्पताल के संकल्पकर्ता तथा संरक्षक लगायत उन्हों ने अनेकौं मठ मन्दिर के समेत संरक्षक रहकर सेवा करते आ रहें है उल्लेख किया गया है ।
वह सम्मान में उन की हिन्दू धर्म प्रति कीे अथाह निष्ठा तथा मानव सेवा की कदर करते “धर्माचार्य” की पद से विभूषित किया गया है वह सम्मान–पत्र में उल्लेख किया गया है कहते हुये आगामी दिनों में भी सनातन वैदिक धर्म की प्रचार प्रसार और वैदिक परम्परा को विश्वभर विशेष पहिचान दिलाना राष्ट्र और समाज को सही मार्गदर्शन मिलेगी विश्वास किया गया है ।
सम्मान–पत्र में पशुपति अखाडा के संयोजक अनन्त श्री विभूषित श्री अर्मतानुभव पीठाधीश्वर जगताचार्य व्रम्हर्षि श्री गौरी शंकाराचार्य महाराज, आचार्य महामण्डलेश्वर श्री १००८ श्री सच्चिदानन्द पशुपति जी महाराज, अखडा के सचिव योगऋषि स्वामी श्री सदानन्द पशुपति जी महाराज और श्रीमद् पशुपति विद्वत् परिषद् के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सञ्जेल पशुपति जी महाराज ने हस्ताक्षर किया है ।
उल्लेखनीय बात ये है कि उनके ही संकल्प में विशेष करके आधारभूत स्वास्थ्य सेवा से बञ्चित रहे इस क्षेत्र के गरीब, असहाय, पिछडे निमुख जनता को स्वास्थ्य सेवा सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने की उद्देश्य से पश्चिम नेपाल में ही पहिली “क्यान्सर अस्पताल’ निर्माण करके सञ्चालन हो चुकी है ।
वह अस्पताल में पश्चिम नेपाल अन्तर्गत बा“के बर्दिया जिला केवल नही भारतीय सीमावर्ती स्वास्थ्य सेवा से बञ्चित जनता के लिये समेत स्वास्थ्य उपचार सेवा उपलब्ध कराने की उद्देश्य से खजुरा (पुरानी विमानस्थल) स्थित वह क्यान्सर अस्पताल ४ बिगहा क्षेत्रफल के जमीन में ५ हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्रफल में निर्मित वह क्यान्सर अस्पताल के लिये “पवित्र आध्यात्मिक चिन्तन से भौतिक विकास सम्भव होगी तथा आध्यात्मिक चिन्तन और भौतिक विकास से मानव जाति को वास्तविक सुख और शान्ति प्राप्त होगी ” विश्वास से अभिप्रेरित होकर अस्पताल निर्माण कार्य में सहयोग जुटाने की उद्देश्य से बि.सं.२०६५ माघ ११ गते से १९ गते तक “श्रीमद् भागवत् वृहत धन धान्याञ्चल ज्ञान महायज्ञ”की आयोजन किया गया था ।
गत महीना मात्र खजुरा क्षेत्र को पर्यटकिय क्षेत्र बनाना, खजुरा क्षेत्र में रहा ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की प्रवद्र्धन करना और खजुरा में विशाल स्वरुप में सुदर्शन चक्र सहित की लक्ष्मीनारायण मूर्ति की स्थापना करेने की लक्ष्य सहित सन्त श्री दीनदयाल महाराज के संरक्षकत्व में श्रीमद् भागवत महायज्ञ आयोजन भी किया गया था । सो महायज्ञ कीे समापन में सन्तश्री दीनदयाल महाराज जी सहित कथा वाचक अर्याल को खजुराबासी की ओर से अभिनन्दन किया गया था ।
इसी तरह नेपाल भारत और अन्य मुलुक में भी सनातन हिन्दू धर्म की प्रचार– प्रसार और प्रवद्र्धन करने की अभियान में समर्पित रहे सन्तश्री दीनदयाल जी महाराज को नेपाल भारत लगायत जापान, हङकङ लगायत के विदेशी मुलुक में भी उन को सम्मान किया गया है । उन के अनुसार अनुयायीओं ने उन के नाम में काठमाण्डौं, चितवन, नवलपरासी, पूर्वाञ्चल के विभिन्न जगह और भारत के विभिन्न शहर में “सन्तश्री दीन दयाल महाराज आध्यात्मिक प्रतिष्ठान” स्थापना किया है


