Mon. Jun 15th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

महोत्तरी में जल विद्युत परियोजना से मुआवजा कम मिलने से नाराज किसान द्वारा विरोध

 


नवीन कुमार नवल/जलेश्वर, महोतरी ।  महोत्तरी जिला के महोत्तरी गा.पा.के वार्ड नं 2 के अनैठा गांव सहित कई गावों में अरूण तेश्रो जल विद्युत परियोजना के तहत हो रहे हाई टेंशन विधुत पोलिंग वायरिंग के काम का काफी विरोध हो रहा है। स्थानीय जमीन मालिक लोगो का कहना है कि काम करने से पहले खा था की मुआवजा अच्छा मिलेगा लेकिन बहुत सा काम हो जाने के बाद मुआवजा बहुत कम कर दिया गया,साथ ही भारत नेपाल की इतनी बड़ी विद्युत परियोजना गांव के मध्य भाग होकर,एक गांव में तीन बार सड़क क्रॉस कर काफी विरोध के बाबजूद काम किया गया, जिसमे भविष्य में काफी जोखिम का सामना करना पड़ा सकता है
वैसे काम करने से पहले जमीन का मुआवजा, क्षति पूर्ति ज्यादा देने की बात कहकर लोगों को अंधकार में रखकर ठगी रूप में काम किया गया,लेकिन काम अंतिम चरण पर आने पर लोगों जमीन का मुआवजा कम करते हुए समय मुआवजा ,बाली नुक्सानी नही देने से सम्पूर्ण गांव वासी काम को रोकबाते हुए काफी विरोध कर रहा है, जिससे परियोजना के कर्मचारी, लेबर से गांव बासी के बीच काफी तनाव का माहौल बन गया है।
गांव के तरफ़ से पीड़ित पक्ष के जगत मंडल, लालबाबू यादव, अमरदीप मण्डल,रोहित शर्मा, विदया मंडल ,वडा अध्यक्ष संजय यादव सहित सैकड़ों जग्गा धनी महीनों से विरोध के बाबजूद किसी तरह का ठोस उपाय न होने के बाद दिन प्रतिदिन स्थिति भयावह बनती जा रही है।
जल विद्युत परियोजना के तरफ से कर्मचारी तेजू लामा, राजेश तिवारी, भागिरत महतो सहित कई पदाधिकारी ने जबाव में बार बार सी. डी. ओ, मालपोत के द्वारा मुआवजा निर्धारण किया गया है हम लोग कुछ नहीं कर सकते है कहते हुए पल्ला झाड़ते हुए विरोध के बाबजूद काम अंतिम चरण पर चला गया है। लोगो का कथन है कि हमलोगो का जमीन मकान (घरारि) योग्य रहते हुए खेती योग्य जमीन से भी कम मूल्यांकन करते हुए मनमानी ढंग से गांव के बस्ती होकर विद्युत पोल का जलान किया है ।
काम करते समय परियोजना के कर्मचारी द्वारा सी. डी. ओ, पुलिस प्रशासन, मेयर के नाम पर दवाब देकर धमकाकर काम करते आ रहे हैं।
वैसे सम्पूर्ण गांव वासी काम का विरोध गांव में ही करते हुए अभी तक गांव से बाहर निकल कर उच्च ,न्यायालय ,अधिकारी संबंधित निकाय तक नहीं पहुंच पाया है लेकिन इस विरोध के बाद विभिन्न मीडिया से बातचीत करते हुए काम का विरोध कर जल्द सी. डी. ओ सहित संबंधित निकाय को ज्ञापन पत्र बुझाने वाले हैं। वैसे ऐसी विकास परियोजना में हो रहे बाधा को ध्यान में रखकर संबंधित निकाय को जल्द पहल कर पीड़ित किसान को उचित मुआवजा समय पर दिलवाकर काम को सहज करने की आवश्यकता है नही तो आक्रोस विरोध से सभी पक्षों को नुकसान के सिवा कुछ मिलने वाला नहीं है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *