‘भारत-नेपाल के बीच बॉर्डर नहीं बनेंगे बाधा’ : नरेन्द्र मोदी
काठमांडू, 1 जून । भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने गुरुवार की दोपहर सोनौली सीमा के समीप केवटलिया गांव व नेपाल के भैरहवा के समीप बनने वाले इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (एकीकृत जांच चौकी) का संयुक्त रूप से वर्चुअल शिलान्यास किया। सोनौली के समीप निर्माणाधीन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इसका सीधा प्रसारण हुआ।
नौ साल में संबंध बनाने को लिए कई फैसले
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बीते नौ सालों में दोनों देशों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। बार्डर हमारे लिए बाधा न बने इस दिशा में कदम उठाए गए हैं। भारत व नेपाल के बीच में ऐसे संपर्क स्थापित करेंगे कि हमारे बार्डर हमारे बीच बैरियर्स न बने। साझा नदियों के ऊपर ब्रिज बनाने, नेपाल से भारत को बिजली निर्यात सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। पिछले नौ सालों में हमने कई उपलब्धियों को प्राप्त किया है। आज हमने अपनी पार्टनरशिप को सुपरहिट बनाने का निर्णय लिया है। पिछले नौ साल में हमने नेपाल से भारत को बेहतर करने के लिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं। बीरगंज में पहली आइसीपी बनाई गई। बार्डर पर पहली पेट्रोलियम पाइपलाइन, रेललाइन, सीमा पर ट्रांसमिशन शुरू करने की दिशा में भी कार्य हुए हैं। नेपाल से 450 मेगावाट बिजली निर्यात कर रहे हैं।
बातचीत कर सुलझाए जाएंगे विवाद: प्रचंड
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से कार्य किए जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच जो सीमा विवाद है, उसे बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाएगा। भारत ने कृषि सहित सभी क्षेत्रों में नेपाल की मदद की है। उन्होंने आजादी के अमृत महोत्व को लेकर भारत को बधाई दी।

