कपिलवस्तु में वन व्यवस्थापन करने के लिये कलाकार द्वारा सन्देश
नेपालगन्ज/(बाँके) पवन जायसवाल । कपिलवस्तु जिला के चन्द्रौटा में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय कलाकारों ने वन बचाने के लिये तथा इस की व्यवस्थापन करने के लिये कलाकारिता की माध्याम से सन्देश प्रवाह किया है ।
डिभिजन वन कार्यालय चन्द्रौटा (गौतम बुद्ध) और बास नेपाल के संयुक्त आयोजन में शिवराज नगरपालिका वार्ड नं.– ५ चन्द्रौटा में जेष्ठ २२ गते सोमवार को सम्पन्न कार्यक्रम में वन से सेलिब्रेटी कार्यक्रम में राष्ट्रीय कलाकारां ने पूर्णकाल वि.सि., पूर्ण थापा, कमल वि.के. निरमोही और अशोक रावल ने गीत के माध्यम से वन संरक्षण करना, वन में आग लगना (डढेलो) नियन्त्रण करना वन्यजन्तु संरक्षण करना, वृक्षारोपण करने के लिये सन्देश प्रवाह किये हैं ।
डिभिजन वन कार्यालय चन्द्रौटा (गौतम बुद्ध) के डिभिजन वन अधिकृत बेसिन्द्रराज सुवेदी के अध्यक्ष्ता में तथा लुम्बिनी प्रदेश सभा सदस्य माननीय अर्जुन के.सी. के प्रमुख आथित्य में सम्पन्न वह कार्यक्रम में शिवराज नगरपालिका के प्रमुख अजय थापा, इलाका प्रहरी कार्यालय चन्द्रौटा के प्रमुख बाबुराम आचार्य, कपिलवस्तु, गौतमबुद्ध और शिवराज साझेदारी वन उपभोक्ता समिति के अध्यक्ष, वैज्ञानिक वन महासंघ के अध्यक्ष रेनु सेन लगायत के व्यक्तियों वह कार्यक्रम में अथिति के रुप में के रुप में उपस्थिति रहे थे ।
३ सौ से अधिक सहभागी वह कार्यक्रममा रहे थे गायिका पूर्णकला बि.सि.ने वन रहे रहन्छ यो जीवन, यस्तै ठाउँमा वस भन्छ यो मन, रुख रोपौँ मिलेर सबैले, गीत प्रस्तुत की थी । सभी सहभागियों को वन अक्रिमण नकरें, वन बचाने के लिये अनुरोध की थी । कलाकार पूर्ण थापा ने वन बचाये बहते हुये सभी लोग अपने जन्मदिन लगायत शुभ अवसर पर विरुवा बैठाये सन्देश दिये थे ।
इसी तरह वह कार्यक्रम में कलाकार अशोक रावल ने छोटी छोटी गल्तियाँ से वन में आग (डढेलो) लगती है ऐसी गल्ती नकरने के लिये गीत और नाट्य भाव से सन्देश दिये थे । उसी कार्यक्रम में वरिष्ठ कलाकार कमल वि.के. निरमोही ने वन विना जीवन कल्पना समेत नही कर सकते है इस लिये वन बचाना अति आवश्यक रही है बताया, कलाकार मेनुका श्रीस और करिष्मा आचार्य ने नृत्य प्रस्तुत की थी ।
वह कार्यक्रम में लुम्बिनी प्रदेश सभा के सदस्य माननीय अर्जुन के.सि. ने मन्तव्य व्यक्त करते हुये बहा वन बचाना पडेगा इस विषय पर सभी को बोध होगा तो भी आदमी व्यक्तिगत निजी लाभ के लिये वन को विनाश करते हरते है बताया । आदमी के लिये माँस की विभिन्न स्रोत होती है तो भी वन्यजन्तु को मारकर खाने की प्रवृति से पर्यावरणीय सन्तुलन में समस्या उत्पन्न हुई है बताते हुये कहा नजदीक पडोसी देश भारत में सेलिब्रटीयों ने वनजन्तु और वन को अपन्त्व ग्रहण, नेपाल में समेत उसी तरह करना जरुरी रही है और उस की सुरुवात वन से सेलिब्रटी कार्यक्रम ने की है बताया ।
कार्यक्रम की समापन में डिभिजन वन कार्यालय चन्द्रौटा के डिभिवन वन अधिकृत बेसिन्द्रराज सुवेदी ने प्लाष्टिक अपना है गन्दा नही होती है उस की गलत प्रयोगत तथा जलाने कार्य से वातावरण में बडी असर करती है बाते हुये नेपाल में बाघ, गौँडा, चराचुरंगी तथा जलचर प्राणियों की ज्यादा संख्या है तो भी उस की संरक्षण करने में चुनौती बडी है बताया ।
कार्यक्रम में अपनी अफ्रिका भ्रमण की अनुभव सुनाते हुये नेपाल ने विदेश से अधिक चीत सीख कर करना जरुरी रही है वन बचाने में सामुदाय को ही अग्रसर होना जरुरी है जोड दिये थे ।
डिभिजन वन कार्यालय चन्द्रौटा के सहायक वन अधिकृत कल्याण सापकोटा ने वह कार्यक्रम में स्वागत किया था, कार्यक्रम की सहजीकरण बास नेपाल के कार्यक्रम अधिकृत रबिन्द्र बोहरा और करिष्ठ कलाकार कमल वि.के. निरमोही ने किया था ।









