फुटवाल खिलाडियों की अजीबोगरीब मांग
फीफा विश्वकप में भाग लेने पहुंचे खिलाड़ी आवभगत में लगे होटल वालों को अपनी अनाप-शनाप मांगों से हैरान परेशान कर रहे हैं तो कभी दुविधा में डाल रहे हैं। इस कप की दौड़ में शामिल टीमों ने होटल वालों को अपनी मांगों की पूरी सूची सौंप रखी है। इस सूची में खिलाड़ियों की विशेष जरूरतों के बारे में बताया गया है।
इक्वाडोर की टीम के खिलाड़ियों को रोज अपने लिए उनके देश के ही केले चाहिए तो बोस्निया की टीम ने खिलाड़ियों को कमरों में शांत माहौल उपलब्ध कराने के लिए साउंड प्रूफ स्क्रीन की मांग की है। फुटबॉल के खिलाड़ियों की यह मांगें नई नहीं हैं लेकिन इस बार तो अधिकांश टीमों ने विचित्र और शाहीफ्रांस की टीम ने साओ पाउलो में जेपी होटल को टीम के लिए बुक किया है और होटल प्रबधंन से सभी खिलाड़ियों को एक ही रंग के कलर से पोते गए कमरे देने की मांग रखी है। इसके अलावा खिलाड़ियों को दो तरह के तरल साबुन उपलब्ध कराने को कहा गया है एक साबुन का प्रयोग खिलाड़ी नहाने के लिए करेंगे तो दूसरे का हाथ धोने के लिए।
फ्रांस की टीम तो हमेशा से ही अपने स्टाइल के लिए जानी जाती रही है तो जर्मनी की टीम का फुटबॉल प्रेम विश्वप्रसिद्ध है, लेकिन ब्राजील में जोचिम लियो की टीम इससे बढ़कर ही अपना अलग ही रुतबा दिखा रही है। टीम ने बहिया में अपने लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र तैयार करवाया है। टीम ने अपने ठहरने के लिए एक 13 इमारतों वाली सोसाइटी को चुना जहां 65 कमरे, एक फुटबॉल का मैदान और प्रेस कांफ्रेंस रूम है।
ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जर्मनी की टीम से हटकर खाने को महत्व दिया है। यह भी संभव है कि इस आयोजन में उनके शेफ को ही मैनऑफ टूर्नामेंट की तर्ज पर ‘द बेस्ट शेफ’ चुना जाए। उनका शेफ टीम के लिए ब्राजील का रेड मीट, मछली और चिकन हेल्दा तरीके से तैयार करेगा। ऑस्ट्रेलिया की तरह ही इंग्लैंड की टीम ने भी खाने की एक लंबी सूची मेजबान होटल को सौंप दी है।
हालांकि उनकी टीम सबसे कम मांग करने वाली टीमों में से एक भी बनी हुई है। टीम ने अपने खिलाड़ियों के लिए रियो डी जेनेरियो में 64 कमरे बुक किए हैं। संक्षेप में ब्राजील अपने 27 शहरों में आयोजन के एक महीने में 736 खिलाड़ियों की मेजबानी करेगा। इस दौरान खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई गई सुविधा और मांगों को पूरा करने में सफलता ही इन होटलों का भविष्य तय करेगी .

