संशोधित नागरिकता विधेयक कार्यान्वयन की राह खुली
७ असार, काठमाडौं । राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल द्वारा प्रमाणीकृत नागरिकता विधेयक कार्यान्वयन होने जा रहा है।
सर्वोच्च अदालत द्वारा नागरिकता ऐन की संशोधित व्यवस्था कार्यान्वयन नहीं करने की इससे पहले जारी किए गए अल्पकालीन अन्तरिम आदेश को निरन्तरता नहीं मिलने के बाद विधेयक कार्यान्वयन के लिए रास्ता खुल गया है।
न्यायाधीश आनन्दमोहन भट्टराई और कुमार रेग्मी के संयुक्त इजलास द्वारा नागरिकता विधेयक कार्यान्वयन में रोक लगाने के २१ जेठ के निर्णय को डा. मनोजकुमार शर्मा ने अल्पकालीन अन्तरिम आदेश निरन्तर नहीं करने का आदेश दिया है।
सर्वोच्च के इस आदेश के बाद जन्म के आधार में नेपाली नागरिकता लेने वाले के सन्तान को वंशज के आधार में नागरिकता पाने की राह खुल गई है
गत वर्ष तत्कालिन राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी ने संघीय संसद द्वारा पारित नागरिकता विधेयक को प्रमाणीकरण नहीं किया था ।
उक्त विधेयक १७ जेठ में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने प्रमाणीकरण किया था । विधेयक प्रमाणीकरण करने के राष्ट्रपति के कदम को संविधान विपरीत कहते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेन्द्र भण्डारी और बालकृष्ण न्यौपाने ने सर्वोच्च अदालत में रिट दायर किया था।

