नवलपरासी में एक साल में विदेश रोजगार के लिए गए 28 लोगों की मौत
नवलपरासी
नवलपरासी में एक साल में विदेश रोजगार के लिए गए 28 लोगों की मौत हो गई है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिले से बाहर रोजगार के लिए गये लोगों की जान चली गयी है ।
जिले में विदेशी रोजगार के क्षेत्र में कार्यरत सुरक्षित आप्रवासन कार्यक्रम के समन्वयक रितुराम सोती के अनुसार इस वर्ष विदेश रोजगार के दौरान 27 पुरुषों और एक महिला की मृत्यु हुई है। जान गंवाने वालों में देवचुली के सात, कावासोती के छह, मध्यबिंदु के छह, गैंडाकोट के चार, विनयी त्रिवेणी के तीन और हुप्सेकोट का एक व्यक्ति शामिल है।
कार्यक्रम की सलाहकार रंजना लम्साल ने कहा कि यह पाया गया कि अत्यधिक काम के घंटों, तनाव में काम करने आदि के कारण लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा कि ढेर सारा पैसा खर्च कर के और विदेश जाकर खूब पैसा कमाने के दबाव के कारण लगातार काम करने पर कुछ घटनाएं घटती हैं.समन्वयक सोती के अनुसार नवलपुर में एक वर्ष में विदेशी रोजगार से संबंधित एक सौ अट्ठासी मामले दर्ज किये गये हैं. आंकड़ों के मुताबिक ठगी में पडने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है. 188 मामलों में से 118 मामले धोखाधड़ी से जुड़े हैं. बचाव के 10, मौत के 30 और अन्य प्रकृति के 10 मामले हैं।
समन्वयक सोती ने कहा कि सुरक्षित आप्रवासन कार्यक्रम के माध्यम से दर्ज मामलों में से 81 का समाधान किया गया है और पीड़ितों को रुपये का मुआवजा दिया गया है। जिले में संचालित कार्यक्रम के माध्यम से सूचना तक पहुंच, न्याय तक पहुंच, कौशल विकास प्रशिक्षण, मनोसामाजिक परामर्श एवं वित्तीय साक्षरता के क्षेत्र में कार्य किया गया है।


