जातीय विभेद करने वालों को राज्य द्वारा कानूनी रुप में दण्ड देनी चाहिए – उपेन्द्र यादव
काठमांडू, २१ असार
जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा है कि जातीय विभेद करने वालों को समाज द्वारा सामाजिक रूप में बहिष्कार तथा राज्य द्वारा कानूनी रुप में दण्ड दिया जाना चाहिए ।
शिल्पी और दलित विशेष राष्ट्रीय समिति और जनता समाजवादी दलित मूक्ति सङ्गठन द्वारा संयुक्त रुप में माइतीघर मण्डला में बुधबार को आयोजित जातीय विभेद विरुद्ध खबरदारी कार्यक्रम में उन्होंने यह बातें कहीं कि – जातीय विभेद करने वालों को समाज से बहिष्कार करना चाहिए । उन्होंने कहा कि ‘जातीय विभेद करने वालों को समाज से, व्यवहार पद्धति से, रीतिरिवाज और चालचलन से जहाँ जिस रुप में दिखाई दें वहाँ उसे जड़ से उखाड़ कर फेकना पड़ेगा ।
उन्होंने कहा कि –जातीय विभेद को नेपाल में संवैधानिक और कानूनी रुप से दण्डनीय माना गया है तथा अन्तर्राष्ट्रीय कानून ने भी जातीय विभेद को अमानवीय, मानवता विरोधी अपराध के रूप में लिया है । लेकिन इस तरह के विभेद को लेकर मात्र कानुन में उल्लेख करने से नहीं होगा । अब के युग में व्यक्ति को उसकी क्षमता, योग्यता, चरित्र और उसके द्वारा किए गए योगदान के आधार में देखने तथा वो किस जात का है, किस जाति में उसने जन्म लिया है, किस कुल में उसने जन्म लिया है । अब वो पहले का युग नहीं है । इसमे अब बदलाव की आवश्यकता है । उन्होंने कहा कि – इस तरह की खबरदारी अभियान अब निरंतर चलती रहेगी , मात्र कानून बनाने से नहीं होगा ।

