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बांग्लादेश डॉलर के बजाए भारतीय मुद्रा में व्यापार करने की तैयारी कर रहा

 

काठमान्डू

 

भारत जैसे- जैसे आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है वैसे- वैसे इसकी मुद्रा की मांग भी बढ़ती जा रही है. कई देश अब भारत के साथ डॉलर में व्यापार करने के बजाए इंडियन करेंसी में कारोबार कर रहे हैं. इस देशों में अब एक और नाम जुड़ गया है. यह देश भारत का पड़ोसी है और इंडिया से इसके राजनीतिक और व्यापारिक संबंध भी अच्छे हैं. खास बात यह है कि यह देश डॉलर पर अपनी डिपेंडेंसी कम करने के लिए इंडियन करेंसी में कारोबार करेगा. इसके लिए वह तैयारी कर रहा है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश डॉलर के बजाए भारतीय मुद्रा में व्यापार करने की तैयारी कर रहा है. जल्द ही वह इंडियन करेंसी यानी कि रुपये में भारत के साथ व्यापार करेगा. कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के इस कदम से भारत के साथ- साथ उसे भी काफी फायदा होगा. इससे दोनों देशों को लेनदेन करने के दौरान लागत में कमी आएगी. वहीं, जानकारों का कहना है कि बांग्लादेश ने यह फैसला फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर पड़ने वाले बर्डन को कम करने के लिए लिया है.

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बांग्लादेश, भारत का पड़ोसी मुल्क है. दोनों देश की सीमाएं आपस में मिलती हैं. दोनों देशों के बीच हर साल हजारों करोड़ रुपये का कारोबार होता है. अभी तक ये कारोबार डॉलर में हो रहा था. लेकिन अब बांग्लादेश भारतीय मुद्रा में भारत के साथ बिजनेस डिल करेगा. इसके लिए बांग्लादेश के 2 बैंक भारत के साथ रुपये में लेन- देन करने के लिए बड़ी योजना पर काम कर रहे हैं. खास बात यह है कि बांग्लादेश के ईस्टर्न बैंक ने इसके लिए आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नोस्ट्रो खाता भी खोल लिया है. ईस्टर्न बैंक जल्द ही इसको लेकर ऐलान भी कर सकता है. वहीं, बांग्लादेश का सोनाली बैंक भी इसी तरह की तैयारी कर रहा है.

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दरअसल, यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से पूरे विश्व में क्राइसिस आ गई है. दोनों देशों के युद्ध के चलते गैस, ऑयल, गेहूं और कई चीजों का आयात- निर्यात प्रभावित हुआ है. इससे महंगाई बढ़ गई है. ऐसे में कई देशों में डॉलर की कमी हो गई है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार गिर रहा है. वहीं, इससे बांग्लादेश भी अछूता नहीं है. बांग्लादेश का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व गिरकर 7 साल के सबसे निचले स्तर पहुंच गया है. ऐसी भी बांग्लादेश विश्व में चीन के बाद भारत से सबसे अधिक इम्पोर्ट करता है. यही वजह है कि उसने यह कदम उठाया है.

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