मधेश केन्द्रित पार्टियों के नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बैठक समाप्त
काठमांडू, सावन १५ – मधेश केन्द्रित दलों के नेताओं ने कहा कि सुनसरी के कप्तानगंज की घटना में सरकार की प्रतिक्रियां देर से आई जिससे और ज्यादा नुकसान हुआ है ।
शुक्रबार (सावन १५) सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् के कार्यालय में संवाद हो जाने के बाद बाहर निकल कर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय मुक्ति पार्टी के अध्यक्ष राजेन्द्र महतो ने कहा कि “सभी पक्षों से सहयोग लेकर प्रधानमंत्री को साम्प्रदायिक दंगे को रोकना चाहिए । मानव से मानव को डरने की अवस्था यदि समाज में आता है तो यह देश, समाज और नेपाली के हित में नहीं है । ”
उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव कायम रखने पर उन्होंने जोड़ दिया । इसके लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) को ही पहल करनी होगी । उन्होंने कहा कि“प्रधानमंत्री ने देश के नाम कल रात जो अपना संबोधन दिया इसके लिए धन्यवाद है ।” “लेकिन चार दिन पहले ही अगर दे देते तो इतनी क्षति नहीं होती ।”
संघीयता विषय को लेकर भी बैठक में बात हुई । महतो ने बताया कि प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया है कि संघीयता पर किसी तरह की कोई खतरा नहीं है ।
इसी तरह बैठक में शामिल जनमत पार्टी के अध्यक्ष सीके राउत ने कहा कि कप्तानगंज में मृत्यु हुए युवा के परिवार के साथ तीन घंटें के भीतर वार्ता कर मांग पूरा करने का सुझाव उन्होंने दिया था । ा
उन्होंने सुरक्षाकर्मी को लेकर कहा कि इस तरह की घटनाओं में सुरक्षाकर्मियों को संयमता अपनानी चाहिए । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मैंने सुझाव दिया कि ऐसी घटनाओं में कैसे संयमित हो इसके लिए तालिम की आवश्यकता है । ऐसी घटनाओं का समाधान केवल बल प्रयोग से नहीं किया जा सकता है । ये संवाद द्वारा भी किया जा सकता है ।
प्रधानमंत्री के साथ हुए इस संवाद कार्यक्रम में महतो और डा. राउत के साथ ही महंथ ठाकुर, लालबाबु राउत, समीम मियाँ अन्सारी, राम के शर्मा, प्रभु साह, अमरेशकुमार सिंह, शरतसिंह भण्डारी, जयकान्त राउतआदि नेता शामिल थे ।


