आज है वर्ल्ड ब्रेन डे जानें क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड ब्रेन डे
काठमान्डू 22जुलाई
दुनियाभर में आज वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जा रहा है। दिमाग यानी ब्रेन मानव शरीर का सबसे जटिल और जरूरी अंग होता है। यह हमारे सभी विचारों, भावनाओं और गतिविधियों को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। मस्तिष्क की इसी अहमियत को देखते हुए हर साल 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे मनाया जाता है। इस दिन का मकसद मस्तिष्क स्वास्थ्य और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
मौजूदा समय में हमारी लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव होने लगा है। हर आयु और लिंग के लोग विभिन्न मस्तिष्क विकारों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इस दिन का मकसद मस्तिष्क स्वास्थ्य और विकारों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना है। आइए जानते हैं क्या है इस दिन का इतिहास और इसका मकसद-
विश्व मस्तिष्क दिवस का इतिहास
वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ न्यूरोलॉजी (डब्ल्यूएफएन) की स्थापना 22 जुलाई, 1957 को हुई थी। इसके बाद 22 सितंबर, 2013 को पब्लिक अवेयरनेस और एडवोकेसी कमिटी ने 22 जुलाई को “वर्ल्ड ब्रेन डे” मनाने का सुझाव दिया। इस सुझाव के बाद बोर्ड ने फरवरी 2014 में अपनी बैठक में इस विचार पर गौर किया और तब से इसे एक वार्षिक उत्सव के तौर पर हर साल मनाया जाने लगा।
वर्ल्ड ब्रेन डे का महत्व
इस दिन दुनिया भर के विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के लोग विभिन्न गतिविधियों के जरिए मस्तिष्क स्वास्थ्य और इससे संबंधित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने की पहल करते हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन, गैर-सरकारी संगठन मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका संबंधी रोगों की रोकथाम पर जानकारी प्रसारित करने के लिए सहयोग करते हैं। इसके अलावा, विश्व मस्तिष्क दिवस के संदेश को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया अभियान, सार्वजनिक सेवा घोषणाएं और सूचनात्मक सामग्री का उपयोग किया जाता है।
विश्व मस्तिष्क दिवस की थीम
हर साल यह दिवस किसी खास थीम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में बात करें इस साल की थीम की तो, विश्व मस्तिष्क दिवस 2023 के लिए “मस्तिष्क स्वास्थ्य और विकलांगता: किसी को भी पीछे न छोड़ें (Brain Health and Disability: Leave No One Behind) तय की गई है।


