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एक नाबालिग लड़की का उद्धार और तीन मानव तस्करों हुये गिरफ्तार

 

इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने भारत नेपाल सीमा पर बने मैत्री पूल पर एक और नाबालिग लड़की का किया रेस्क्यू और तीन मानव तस्करों को किया गिरफ्तार।

रक्सौल।(TOR) भारत-नेपाल बॉर्डर पर 47वीं वाहिनी एस.एस.बी. की पोस्ट जब से मैत्री- पूल पर लगी है तब से मानव तस्करी के मामले लगातार पकड़ में आ रहे हैं। ऐसे ही एक और मामला आज दिनांक 29.10.2023 दिन रविवार को सामने आया।

आज मैत्री पूल पर 47वीं वाहिनी रक्सौल की एफ कंपनी (हवाईअड्डा) के पास से तीन व्यक्तियों और एक नाबालिग लड़की को निकलते हुए देखा गया। तब तीनों को रोका गया, तब तीनों कुछ नहीं बता रहे थे इनसे कोई जानकारी निकली तब मानव तस्करी रोधी इकाई क्षेत्रक मुख्यालय बेतिया अवस्थित कार्यालय 47वीं वाहिनी एसएसबी रक्सौल के इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा को जानकारी दी गयी जो कि मानव तस्करी रोकथाम के स्पेशियलिस्ट माने जाते हैं।

जब इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा ने तीनों से पूछताक्ष किया तब सामने आया कि मोहम्मद असलम, मोहम्मद समीमउल्लाह और मोहम्मद नौशाद आलम तीनों मिलकर मनिशा शर्मा (बदला हुआ नाम) को लगभग 20 दिन पहले बहला फुसला कर मोतिहारी से भगा कर ले गए थे और नाबालिग लड़की के घर वालों थाना चिरैया में एफआईआर करवाई थी।
आगे पता चला कि मोहम्मद असलम काठमांडू में वेल्डिंग का काम करता था, उसके सगे चाचा के स्कूल जीएस पब्लिक स्कूल में पढ़ने के दौरान लड़की मनिशा शर्मा से मोहम्मद असलम से परिचय करवाया गया था। जबकि वो व्यक्ति उस स्कूल में पढ़ता भी नहीं था। व्यक्ति लगभग आठ नौ महीने से लड़की को अपने प्यार में फंसाने के प्रयास में था अंत में सफल भी हुआ और लड़की को घर से भगा ले गया। युवक ने बताया की आदापुर का एक दोस्त विक्रम को उसने सहयोग करने के लिए 3000/- रुपए भी दिये थे,जिससे लड़की को भगाने में कोई दिक्कत ना इसी बात को काफी गंभीरता से लिया जा रहा है कि कहीं इसकी फंडिंग में किसी विशेष संघठन का हाथ तो नहीं।
लड़के ने स्वीकार किया कि वो शादी के बाद लड़की का धर्म भी परिवर्तन करवाना चाहता था।

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पीड़ित लड़की की काउंसिलिंग करने के लिए प्रयास जुबेनाइल एड सेंटर की आरती कुमारी को भी बुलाया गया। तब उसमें यह सामने आया कि लड़की नाबालिग है और मोहम्मद असलम ने लड़की को फंसाने के लिए बहुत खर्चा भी किया था जिससे लड़की प्रभावित हो गयी थी। लड़की कक्षा नौवीं की छात्रा है। मोहम्मद असलम ने लड़की आधार कार्ड नया बनवाया था जिसमें लड़की को बालिग बना दिया गया था जिससे लड़की से कोर्ट में शादी कर सके।

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बताते चलें कि मानव तस्करी में लिप्त लोग सबसे पहले पीड़ितों का भरोसा जीतते हैं और इसके लिए वो एक दो वर्ष का समय और पैसा खर्च करते हैं फिर जब अवसर मिलता है लड़कियों से बच्चा पैदा करवा कर उन्हें तलाक़ दे देते और लड़कियाँ गलत राह में शामिल हो जाती हैं।
रेडलाइट एरिया में अधिकतर लड़कियाँ ऐसे ही लोगों के द्वारा फंसा कर लाई जाती हैं।
जबकि नाबालिग लड़की की माँ और अन्य रिश्तेदार लड़की को हर तरफ खोज रहे थे। बाद में जब लड़की के घर वालों में सब भाव विभोर हो गए आँखो में आँसू भर कर धन्यवाद दिया।

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पकड़े गए व्यक्तियों और नाबालिग लड़की को पुलिस ओ.पी हरैया को अग्रिम कार्यवाही के लिए सौंपा गया फिर चिरैया थाना की पुलिस आकर तीनो व्यक्तियों को जेल भेजने की प्रक्रिया के लिए ले गयी। नाबालिग लड़की को भी अग्रिम कार्यवाही के लिए ले गयी।

मौके पर मानव तस्करी रोधी इकाई एसएसबी से इंस्पेक्टर मनोज कुमार शर्मा, आरक्षी पम्मी मिश्रा,
47वीं वाहिनी की एफ कंपनी से आरक्षी अमनित सिंह आरक्षी प्रिंस कुमार आरक्षी सतीश कुमार,
प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर के आरती कुमारी अभिषेक कुमार उपस्थित थे

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