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निजी क्षेत्र द्वारा नेपाल और भारत के बीच दीर्घकालिक बिजली व्यापार समझौते का स्वागत

 

काठमांडू. 7जनवरी 24

नेपाल और भारत के बीच दीर्घकालिक बिजली व्यापार समझौते का निजी क्षेत्र ने स्वागत किया है।

स्वतन्त्र ऊर्जा उत्पादक संस्था नेपाल (इप्पान)  ने अगले 10 वर्षों में 10,000 मेगावाट बिजली निर्यात का रास्ता खोलने वाले समझौते को ऐतिहासिक बताया।

इप्पान के अध्यक्ष गणेश कार्की ने बताया कि नेपाल में बिजली का उत्पादन हुए 112 साल हो गए हैं और कहा कि वर्तमान में 2837 मेगावाट जलविद्युत का उत्पादन किया जा रहा है, जिसमें से 2175 मेगावाट निजी क्षेत्र में है।

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उनके मुताबिक अब केवल निजी क्षेत्र ही 3100 मेगावाट की जलविद्युत परियोजनाएं बना रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि 20,000 मेगावाट की परियोजनाएं, जो निजी क्षेत्र द्वारा बनाने के लिए तैयार हैं, निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच बिजली का आदान-प्रदान शुरू हुए 50 साल हो गये हैं. 2014 में नेपाल और भारत के बीच एक पावर ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) पर हस्ताक्षर किए गए थे।

दीर्घकालिक बिजली व्यापार समझौता, जिस पर शुरुआत में पिछले मई में प्रधान मंत्री पुष्प कमल दहाल की भारत यात्रा के दौरान सहमति हुई थी, पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की नेपाल यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।

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इप्पान ने यह संदेश भी दिया है कि निजी क्षेत्र इसके लिए तैयार है, जिसमें कहा गया है कि नेपाल, जो वर्तमान में अल्पावधि में लगभग 500 मेगावाट बिजली का निर्यात कर रहा है, बड़ी मात्रा में बिजली निर्यात करने की राह पर है।

इप्पान ने कहा कि 10,000 मेगावाट बिजली के निर्यात में निजी क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा और निजी क्षेत्र इसके लिए तैयार है.

इसके लिए इप्पान ने कहा कि प्राधिकरण ने जिस बिजली खरीद समझौते को रोक रखा है, उसे पूरी तरह से खोला जाना चाहिए, निजी क्षेत्र को निर्यात परमिट दिया जाना चाहिए और बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ऊर्जा में अपना निवेश बढ़ाना चाहिए।

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निजी क्षेत्र की भी मांग है कि सरकार ऊर्जा उत्पादन में रियायतों की घोषणा करे और प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक समस्याओं का समाधान करे

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