मधेश अलग हो सकता है, महन्थ ठाकुर फिर गरजे
कैलास दास, जनकपुर । स्वभावत: मौन रहने वाले तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टी के अध्यक्ष महन्थ ठाकुर ने एकवार फिर गर्जन किया है उन्होने कहा है कि मधेश अलग राज्य है और मधेशी अपना अधिकार लेकर रहेगा ।
पार्टी के प्रथम जिल्ला अधिवेशन को जनकपुर में उद्घाटन करते हुए उन्होने कहा कि समानता के आधार पर हम एक साथ रह सकते है । लेकिन असमानता हुइ तो नेपाल से अलग राष्ट्र मधेश होने की सम्भावना निश्चित है उन्होने दावा कीया । नेपाल में दो भाषा और संस्कृति है । उन्होने चेतावनी दिया कि अगर खसवादी शासक मधेश के प्रति विभेद जारी रखा तो दो भूगोल और संस्कृति एक साथ नही रहता है ।
राज्य मधेशी युवाओ को झुठा मुठभेढ करके हत्या कर रहा है । ऐसा एक भी प्रमाण नही है कि मधेशी युवा मुठभेढ में मरा हो । मुठभेढ का मतलव होता है दो तरफी हथियार का परिचालन । लेकिन एक भी सुरक्षाकर्मी मरने की तो बात ही छोडो घायल तक नही हुआ है तो यह कैसा मुठ भेढ है । राज्य मे मधेशी युवाओं को नागरिकता लेना, पासपोर्ट बनाना और रोजगारी के लिए चले जाना है क्यो कि यहाँ पर मधेशी युवा सुरक्षित नही है ।
मधेश आन्दोलन ने दी एजेण्डा स्वायत मधेश प्रदेश और स्वराज प्राप्त नही हुआ तो मधेशी जनता संघर्ष से पिछे नही हटेगा उन्होने कहा । मधेश के साथ विगत मे हुआ सम्झौता के साथ राज्य ने बेइमानी कीया है । उन्होने यह भी कहा कि विगत में हुआ सम्झौता कार्यान्वयन नही हुआ तो कोई भी सर्त नही माना जाऐगा । हाँ, आने वाले संविधान मधेश के हित में नही रहा तो यह स्वीकार नही किया जाऐगा उन्होने कहा ।

