मधेश को कभी भी न्याय नहीं मिला : महंथ ठाकुर
काठमांडू. 19 / 1/ 24

लोकतान्त्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) के अध्यक्ष महंथ ठाकुर ने टिप्पणी की कि अदालत ने मधेस को न्याय नहीं दिया। अध्यक्ष ठाकुर ने दावा किया कि सरकार मधेशियों के साथ भेदभाव करती रही और शिकायत की कि अदालत ने न्याय नहीं दिया.
शुक्रवार को काठमांडू में ‘संविधान की संपूर्णता और संघवाद का अभ्यास’ विषय पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा कि भाषा और राष्ट्रीय पोशाक के मुद्दे पर अदालत ने भी मधेशियों का समर्थन नहीं किया.
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मधेशियों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ फिर से संघर्ष तेज किया जाये, उन्होंने कहा कि सबसे अधिक आबादी वाले मधेस प्रांत को कम बजट दिया गया है.
भेदभाव जारी है. कोर्ट से भी हमें न्याय मिलना चाहिए. वहां भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है. मधेस की जनसंख्या सबसे अधिक है। लेकिन मधेस का बजट सबसे कम है. जनसंख्या सबसे ज्यादा, बजट सबसे कम. उन्होंने कहा, ‘हम इस बारे में पहले ही कह चुके हैं, हमने आपत्ति भी जताई है।’ जहाँ तक उपनिवेश की बात है तो उपनिवेश की कोई बोली नहीं होती , कोई भाषा नहीं, कोई संस्कृति नहीं होती । हम अब भी हम इसका अनुभव कर रहे हैं।
अध्यक्ष ठाकुर ने कहा कि मधेस को आज भी अपने हितों के लिए भी लड़ना होगा। ठाकुर ने यह भी कहा कि बहुजातीय देश में किसी विशेष पोशाक को राष्ट्रीय मान्यता देना उचित नहीं है।

