धर्म निरपेक्ष राष्ट्र स्वीकार नहीं ।
काठमान्डौ भदौ १७ गते राजधानी में सनातन हिन्दु राष्ट्र नेपाल नागरिक संघर्ष समिति ओमकार परिवार नेपाल द्वारा आयोजित ‘सनातन हिन्दु राष्ट्र नेपाल कायम गरौं’ विषयक अन्तर्किया में शामिल नेपाली काँग्रेस के नेता खुमबहादुर खडका ने कहा है कि अगर आने वाले नए संविधान में नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया तो उसे जलाने वाले वे पहले व्यक्ति होंगे । उन्होंने कहा एमाओवादी अध्यक्ष प्रचण्ड ने दिेशियों के इशारे और पैसे के प्रलोभन के कारण नेपाल को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोष्ति किया है । १२ सूत्रीय समझौते में इस बात की कहीं कोई चर्चा नहीं है ।
काँग्रेस के पूर्व नेता कृष्णप्रसाद भटराई ने भी धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपनी असहमति जताई । उनका मानना है कि समय रहते काँग्रेस को हिन्दु राष्ट्र स्वीकारना होगा नहीं तो उसे पछताना पड़ेगा । पूर्व सेनापति रुक्मांगत कटुवाल ने भी कहा कि ९५ प्रतिशत ओमकार परिवार ने हिन्दु धर्म का सम्मान किया है वहीं दलों ने जनता की इच्छा के विपरीत देश को धर्म निरपेक्ष घोष्ति किया है जो सही नहीं है और यह राष्ट्रघाती है । अनादिकाल से हिन्दु धर्म मानने वालों को क्षणिक में लिया गया निर्णय मान्य नहीं है । दुर्गम क्षेत्रों में अशिक्षा और गरीबी के कारण धर्म परिवत्र्तन का काम जोरों पर है । पूर्वमंत्री एवं एमाले नेता मोदनाथ प्रश्रित ने भी असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि रुढिवादी संस्कृति के साथ हम हिन्दु आगे नहीं बढ सकते किन्तु नेताओं के अवसरवादी चरित्र की वजह से भी हमारी संस्कृति संस्कार और धर्म की रक्षा नहीं हो सकती । अपने पिता नारायण की हत्या करने वाले पुत्र के द्वारा भागवत वाचन करा कर अस्पताल बनवाने वाले प्रचण्ड ही ईसाई धर्म के प्रचार और प्रसार के नायक बने हुए हैं । कार्यक्रम में वक्ता कुमार रेग्मी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा धर्म के अस्तित्व को निस्तेज करने वाले नेताओं ने षडयन्त्रपूर्वक देश को धर्मनिरपेक्ष घोषित किया है ।

