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२० सहकारी समस्याग्रस्त घोषित !

काठमांडू, २७ मार्च । सरकार ने २० सहकारी को समस्याग्रस्त घोषित किया है । भूमि व्यवस्था, सहकारी तथा गरीबी निवारण मन्त्रालय मंगलबार गौतमश्री सहकारी को समस्याग्रस्त घोषित करने के बाद समस्याग्रस्त सहकारियों की संख्या २० पहुँच गई है ।
सहकारी विभाग द्वारा सिफारिश होने के बाद मन्त्रालय की ओर से सहकारियों को समस्याग्रस्त घोषित किया जाता है । सहकारी ऐन, नियम, मूल्य और मान्यता विपरित कार्य कर बचतकर्ताओं की बचत रकम में अनियमितता करने के कारण कई सहकारी समस्याग्रस्त हो रही है, ऐसे सहकारी को विभाग की ओर से समस्याग्रस्त घोषित करने के लिए मन्त्रालय में सिफारिश किया जाता है और ऐन अनुसार ही मन्त्रालय की ओर से समस्याग्रस्त घोषित की जाती है ।
मन्त्रालय की ओर समस्याग्रस्त घोषित होने के बाद संस्था की सम्पत्ति व्यवस्थापन और दायित्व भुक्तानी संबंधी कार्य के लिए समस्याग्रस्त सहकारी व्यवस्थापन समिति को जिम्मेदारी दी जाती है । समिति द्वारा सार्वजनिक तथ्यांक अनुसार आज तक कुबेर बचत तथा ऋण सहकारी, स्ट्याण्डर्ड मल्टिपर्पोज को–अपरेटिभ, सोसाइटल बचत तथा ऋण सहकारी, प्रभु बचत तथा ऋण सहकारी, चार्टड सेभिङ एण्ड क्रेडिट को–अपरेटिभ, लुःनिभा बहुद्देश्यीय सहकारी, ओरेण्टल को–अपरेटिभ को समस्याग्रस्त घोषित किया गया है ।
इसीतरह कञ्जुमर बचत तथा ऋण सहकारी, कोहिनुर हिल सेभिङ एण्ड क्रेडिट को–अपरेटिभ, भेगास बचत तथा ऋण सहकारी, पशुपती सेभिङ एण्ड क्रेडिट को–अपरेटिभ, तुलसी बहुमुखी सहकारी, शिवशिखर बहुउद्धेशिय सहकारी, हाम्रो नयाँ कृषी सहकारी, प्यासिफिक सेभिङ एण्ड इन्भेष्टमेण्ट को–अपरेटिभ, कृषि विकास बहुउद्देश्यीय सहकारी, कान्तिपुर सेभिङ एण्ड क्रेडिट सहकारी और श्री लालिगुराँस बहुउद्देश्यीय सहकारी को भी समस्याग्रस्त घोषित किया गया है ।
उल्लेखित समस्याग्रस्त सहकारियों में कूल ५ अर्ब से अधिक बचत रकम है, जो आम जनता की है । उक्त रकम वापसी के लिए सहकारी पीडितों की ओर से आन्दोलन भी हो रहा है ।

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