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स्वाधीन मधेश जन-अभियान ने काठमाण्डौ में आज दूसरे दिन भी जन-आन्दोलन को सडक पर किया प्रदर्शन

 

काठमांडू, स्वाधीन मधेश जन-अभियान ने काठमाण्डौ में आज दूसरे दिन अपने जन-आन्दोलन को सडक पर सगर्व प्रदर्शन किया । तीन दिवसीय जन-आन्दोलन अन्तर्गत देश के राजधानी काठमाण्डौ में जारी दूसरे दिन का आन्दोलन कार्यक्रम पशुपति क्षेत्र से र्याली सहित गौशाला प्रहरी वृत के बगल में रहे बस बिसौनी के बगल में अवस्थित मैदान‌ में रखा गया था । उस कार्य के लिए प्रहरी प्रशासन ने बडे मेहनत साथ अपने सुरक्षात्मक कर्तव्य को निर्वाह किया था ।

तकरीबन आठ सौ + जन समूहों से लवालव रहे कोण सभा को सम्बोधन करते हुए अभियान के केन्द्रीय संयोजक कैलाश महतो ने हिटलर के सादापन, लज्जालुपना, कलाप्रेमिता, तस्वीर सृजनता बाले सृजनात्मक मनोदशा पर उनके घर परिवार द्वारा लगाये गये बन्देज के कारण हिटलर के अन्दर उभरता हुआ उर्जा नकारात्मकता को धारण किया, जिसका परिणाम विभत्स दूसरा विश्व युद्ध होने इतिहास बताया ।

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संयोजक महतो ने हिटलर का सादगीपन और साधारण लिखपढ का उदाहरण देते हुए यह भी अंदेशा जाहेर किया कि राज्य और उसके सरकार को अपना अभिभावक मानने बाली सीधा सादी जनता राज्य के अनसुनेपन से हैरान होकर उसके अन्दर रहे उर्जा कहीं किसी हिटलर या मुसोलिनी न पैदा कर दें ।

मन्तव्य को जारी रखते हुए महतो ने गृहमन्त्री रबि लामिछाने पर तंज कसते हुए कहा कि जो गृहमन्त्री खुद दो दो नागरिकता, दो दो पासपोर्ट का दुरुपयोग करता हो, जिसके उपर सहकारी के अरबों रुपये हिनामिना और घोटाले का आरोप और मुद्दा चल रहे हों और जिसने कानुनी राज्य का हवाला देने के बावजूद अपने ही मन्त्रालय अन्तर्गत के प्रहरी अधिकारियों में नम्बर एक में पडने बाले अधिकारियों को दर किनार कर ६वें और १२वें नम्बर के प्रहरी अधिकारियों को कानुन और विधि विपरीत पदोन्नति करता हो, वो देश में कानुन को सम्मान कैसे कर सकता है ?

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आगे उन्होंने तीन पार्टियों के शीर्ष नेता : प्रचण्ड, देउवा और ओली एक दूसरे का सरकारी दुश्मन होने के बावजूद आन्तरिक तालमेल मिलाने के कारण को उजागर करते हुए कहा कि अनेक जग्गा काण्ड, ओमनी काण्ड, सोना काण्ड, मानव तस्करी काण्ड जैसे काण्ड सम्मिलित अपने राजनीतिक और आर्थिक तथा कानुनी सुरक्षा पाने हेतु एक दूसरे से मिलकर रहने में ही भलाई के जुगाड स्वरुप का आन्तरिक मेलमिलाप करने की बात कही ।

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उन्होंने विदेश भाग रहे युवाओं से आग्रह करते हुए देश बचाने के लिए विदेश जाना छोडकर न्यायिक और राजनीतिक, आर्थिक और अवसर की लडाई लडकर ६५ वर्ष पार के सारे नेताओं को राजनीति से हटाकर युवाओं को राजनीति अपने हाथ में लेने की सुझाव दी ।

आज के सभायी कार्यक्रम में वक्ता के रुप में अभियान के संगठन प्रमुख अशेश्वर कामत, सुनसरी नेतृ फूलोदेवी राम, महोत्तरी नेतृ प्रमिला सदा, सिरहा नेतृ गुलाब महरा, नेतृ गीता राम, उषा यादव तथा युवा छात्रा कुमारी अमिता राम रही थीं । सभा का उद्घोषण कार्य अभियान के केन्द्रीय प्रशिक्षक विपिन अधिकारी ने किया था ।

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