Wed. Sep 9th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

मिथिला क्षेत्र में आज चैती छठ पर्व मनाया जा रहा

 

काठमान्डू १४ अप्रैल

 

मिथिला क्षेत्र में आज चैती छठ पर्व मनाया जा रहा है.

आज चैती छठ की मूल विधि डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य देना है। कल सोमवार की सुबह उगते सूर्य देव यानी दीनानाथ को अर्घ्य देने के बाद चैती छठ का विधिवत समापन हो जाएगा.

जनकपुरधाम के गंगासागर, अरगजासर में यह त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार भी चैती छठ के लिए गंगासागर और अरगजासर को दुल्हन की तरह सजाया गया है.

यह भी पढें   बड़े होते मकान, छोटे होते रिश्ते ...!! : बिमल सरार्फ

लोक मान्यता है कि चैती छठ के दौरान हर मनोकामना पूरी होती है और चर्म रोग कभी नहीं होता.

चार दिनों तक सख्ती से मनाए जाने वाले चैती छठ के पहले दिन ‘नहाय-खाय’, दूसरे दिन पूरे दिन उपवास और रात में सख्खर में बना खरना ही खाते हैं, तीसरे दिन यानी ‘खरना’ होता है। षष्ठी तिथि को बिना भोजन के व्रत करना और शाम को डूबते सूर्य के सामने खड़े होकर किसी कुंड में स्नान करना और अर्घ्य देना कहा जाता है।

यह भी पढें   अग्रगामी मोर्चा का गांव-वार्ड तक संगठन विस्तार, सर्लाही बैठक में बनी रणनीति

सूर्यास्त से एक घंटे पहले से ही लोग जलाशय में प्रवेश करते हैं और खष्टी माता का ध्यान करते हुए दीनानाथ को अर्घ्य देते हैं। अर्घ्य में ठकुवा, भुसुवा, मुला, उंखू, केला, नारियल और अन्य सामग्रियां प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती हैं.

चैत्र शुक्ल सप्तमी तिथि के अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद त्योहार समाप्त करने की प्रथा है।

हालांकि कात्तिक में मनाए जाने वाले छठ पर्व को मनाने वालों की संख्या कोई खास नहीं है, लेकिन हर साल यह संख्या बढ़ती ही जा रही है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com