अर्थमन्त्री ने बजट तैयार करने से पहले लिए ७ पूर्वअर्थमन्त्रियों से सुझाव
काठमांडू, वैशाख १३–अर्थमन्त्री वर्षमान पुन अनन्त ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८१–०८२ के बजट को लेकर पूर्वअर्थमंत्रियों से सुझाव सलाह लिया है ।
अर्थमन्त्री पुन ने बुधवार पूर्वअर्थमंत्री डा. प्रकाशचन्द्र लोहनी, डा. प्रकाशशरण महत, डा. युवराज खतिवडा, विष्णुप्रसाद पौडेल, सुरेन्द्र पाण्डे, जनार्दन शर्मा और शंकरप्रसाद कोइराला से सककाझ बानेश्वर स्थित एक होटल में मुलाकात की और उन सभी से सुझाव भी लिए ।
अपने सुझाव देने के क्रम में पूर्वअर्थमन्त्रियों ने कहा कि महात्वाकांक्षी और पपुष्लिट होकर काम नहीं करें । ऐसा बजट लाएं जिसे कार्यान्वयन किया जाए । उन्होंने सुझाव दिया कि यथार्थपरक बजट बनाएं ।
उन सभी ने बजट के आकार को नहीं बढ़ाने की ओर भी अर्थमन्त्री का ध्यानाकर्षण कराया ।
इसी तरह उन सभी ने राष्ट्रीय गौरव का आयोजना, राष्ट्रीय प्राथमिकता प्राप्त आयोजना और बहुवर्षीय ठेक्का स्वीकृत हुए चालु आयोजना के बाहेक बिना तैयारी के योजना में बजेट विनियोजन नहीं करने को कहा ।
बजट के आकार को बहुत बड़ा नहीं बनाएं ये सुझाव निवर्तमान अर्थमन्त्री महत ने दी । महात्वाकांक्षी और पपुष्लिट नहीं होकर काम नहीं करें ये सुझाव पूर्वअर्थमन्त्री डा. खतिवडा ने दी ।
अर्थमन्त्री जनार्दन शर्मा ने अपने सुझाव में इस बात का उल्लेख किया कि जथाभावी अधिकार का दुरुपयोग करने के कारण कर्मचारी के काम करने का मनोबल घटने के कारण पुँजीगत खर्च निराशाजनक रही है ।
पूर्वअर्थमन्त्री सुरेन्द्र पाण्डे ने कागज में मात्र अर्थतन्त्र का आकार बढ़ाने लेकिन यथार्थ में कार्यान्वयन नहीं होने वाले बजट को नहीं लाने सुझाव दिया ।
मन्त्री पुन ने कहा कि पूर्वअर्थमन्त्री द्वारा दिए गए सुझावों का मनन कर ही बजेट निर्माण की जाएंगी ।


