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महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा १० वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया

 

काठमांडू, असार ७ – १० वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जश्न के तहत, भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज ने आज बीरगंज में एक मेगा योग कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम बीरगंज मेट्रोपॉलिटन सिटी, पतंजलि योग समिति, नेपाल, भारत मैत्री संघ और ग्रीन सिटी सामुदायिक प्रहरी सेवा केंद्र, बीरगंज के सहयोग से आयोजित किया गया था।

इस कार्यक्रम में ६०० से अधिक जन प्रतिनिधियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों सहित स्थानीय समुदाय के व्यक्ति, पतंजलि योग समिति के सदस्य, पत्रकार, नेपाल एसबीआई बैंक लिमिटेड के कर्मचारी, यूनिलीवर नेपाल और पतंजलि नेपाल के प्रतिनिधि, बीरगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी, नेपाल भारत मैत्री संघ और ग्रीन सिटी सामुदायिक प्रहरी सेवा केंद्र, बीरगंज के सदस्य और स्कूली छात्र तथा छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक भागीदारी देखी गई।

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कार्यक्रम की शुरुआत महावाणिज्यदूत, श्री डी.एस. मीना द्वारा उनकी बधाई टिप्पणी तथा मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के स्वागत से हुई। योग सत्र की शुरुआत योग प्रदर्शन के साथ हुई जिसमें तीन स्कूली लड़कियों ने लयबद्ध शैली के साथ उन्नत योग के विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इसके बाद योग प्रशिक्षक ने सामान्य योग प्रोटोकॉल के साथ योग सत्र का संचालन किया।
मधेश प्रदेश के माननीय खेल एवं समाज कल्याण मंत्री, श्री प्रमोद जयसवाल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और बीरगंज मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर, और माननीय श्री राजेशमान सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में थे । मुख्य अतिथि श्री प्रमोद जयसवाल ने, बीरगंज में योग को बढ़ावा देने के लिए, जो लोगों को अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से समृद्ध करता है, महत्वपूर्ण कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज को धन्यवाद दिया । उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, योग के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने में मदद करेगा जो कि एक अधिक स्वस्थ और संतुलित समाज की ओर ले जाता है ।
महावाणिज्य दूत ने अपनी टिप्पणी में रेखांकित किया कि योग एक वैश्विक आंदोलन बन गया है, खासकर जब से भारत द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव पर २०१४ में संयुक्त राष्ट्र ने २१ जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में नामित किया है । उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है । उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग, मन और शरीर की एकता; विचार और कार्य; एक समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति दृष्टिकोण का प्रतीक है ।

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