जनकपुर मे भारतीय दूतावास व्दारा ‘संस्कृति नगरी’ का आयोजन
जनकपुर,३१ अक्टूबर २०१४ । भारतीय दूतावास और बीपी कोइराला भारत-नेपाल फाउंडेशन व्दारा आज शुक्रवार को नेपाल के विभिन्न जिलों में साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनकपुर के उद्योग वाणिज्य चैंबर में संस्कृति नगरी का आयोजन किया गया ।
इस अबसर पर जनकपुर के नेपाल वाणिज्य और उद्योग चैंबर के अध्यक्ष शिव शंकर शाह ने स्वागत सम्बोधन किया । उन्होने कहा कि इस तरह के प्रोग्राम से साहित्यकारों को उनके विचारों और अनुभवों को व्यक्त करने का एक साझा मंच मिला है जो कि एक दुसरे के विचार को आदान प्रदान करने में मदद कर सकता है ।
नेपाल भारत मैत्री संघ के जिला अध्यक्ष उमेश प्रसाद सिंह ने कहा कि नेपाल और भारत का बहुत संबंध घनिष्ठ है । भारतीय दूतावास और बीपी कोइराला भारत-नेपाल फाउंडेशन की पहल से इस रिश्ते को आगे मजबूती प्रदान करेगा ।
इसके अलावा नेपाल के प्रख्यात साहित्यकार राम भरोस कापड ने जनकपुर में ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया और नेपाल के इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगह के विकास के लिए भारतीय दूतावास से अनुरोध किया ।
भारतीय दूतावास में प्रेस, सूचना और संस्कृति के प्रमुख तथा बीपी कोइराला भारत-नेपाल फाउंडेशन के भी सचिव अभय कुमार ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच मजबूत संबंध तब शुरू हुआ जब भगवान राम ने जनकपुर की राजकुमारी सीता से शादी की थी । उन्होने कहा कि कई अन्य समानताएं के अलावा हमारे बिच बेटी और रोटी का सम्बन्ध भी है । अभय कुमार ने बताया कि भारतीय दूतावास और बीपी कोइराला भारत -नेपाल फाउंडेशन के समर्थन मे सीतायन (सीता के जीवन पर एक महाकाव्य) का अनुवाद भी हो रहा है । जिसे पूरा होने पर हमारा संबंध और प्रगाढ हो जाएगा ।
लेखक डॉ राजेंद्र बिमल तथा विभिन्न कवियों ने इस अवसर पर नेपाली, हिन्दी, मैथिली और अंग्रेजी में अपनी कविता सुनाई ।

