निरक्षरता को साक्षरता में रुपान्तरण के लिए सबके प्रयास की आवश्यकता है – प्रधानमंत्री ओली

काठमांडू, भादव २३ – प्रधानमन्त्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि – निरक्षरता को साक्षरता में रुपान्तरण के लिए सबके प्रयास की आवश्यकता है । साथ ही यह भी कहा कि गुणस्तरीय और जीवनोपयोगी शिक्षा सरकार की उच्च प्राथमिकता में है ।
५९ वें अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर आज शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालय पहुँचने के उम्र वाले सभी बालबालिका को गुणस्तरीय शिक्षा और विद्यालय पहुँचने की उम्र पार कर चुके नागरिकों के लिए जीवनोपयोगी शिक्षा का अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता में है ।
अनिवार्य तथा निःशुल्क शिक्षा पाने की मौलिक हक की सुनिश्चितता करने का उल्लेख करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा कि इसके लिए अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा ऐन कार्यान्वयन के साथ ही साक्षरता, आजीवन कौशल का कार्यक्रम सञ्चालन में है ।
साक्षरता कार्यक्रम संचालन में स्थानीय तह की महत्त्वपूर्ण भूमिका है । उन्होंने यह भी कहा कि निरक्षरता को साक्षरता में रुपान्तरण करने के लिए सभी की एकताबद्ध प्रयास की आवश्यकता है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने इस बात का भी उल्ल्ेख किया कि बालबालिका को विद्यालय से ‘ड्रोपआउट’ नहीं होने के लिए ही दिन का नाश्ता, छात्रवृत्ति तथा अन्य प्रोत्साहन का कार्यक्रम सञ्चालन किया गया है और इसमें और ज्यादा सुधार लाने की सरकार ने योजना बनाई है । उन्होंने यह भी बताया कि पिछले समय में नेपाल में पूर्ण साक्षर पालिका और साक्षर जिला घोषणा होना भी महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है ।
अपनी शुभकामना संदेश में प्रधानमन्त्री ओली ने शिक्षा को रोजगार और स्वरोजगार के साथ जोड़ने की भी बात की है । साथ ही निजी क्षेत्र, सामाजिक संघसंस्था के साथ ही सभी की भूमिका को प्रभावकारी बनाते हुए निरक्षरता को साक्षरता में रुपान्तरण करने के लिए सभी को दृढ़ता के साथ लगना होगा । किसी एक के प्रयास से नहीं सभी का प्रयास आवश्यक है ।

