भारतीय महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज द्वारा “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार” पर पैनल चर्चा का आयोजन
बीरगंज (नेपाल),30 अक्टूबर, 2024 । भारत सरकार ने हर साल धनवंतरी जयंती-धनतेरस के शुभ दिन पर “आयुर्वेद दिवस” मनाने का संकल्प लिया है। तदनुसार इस साल 9वां आयुर्वेद दिवस 29 अक्टूबर को मनाया गया। आयुर्वेद को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में 24 देशों में कानूनी मान्यता प्राप्त है और आयुर्वेद उत्पादों का निर्यात 100 से अधिक देशों में किया जाता है। आयुर्वेद ने हजारों वर्षों से स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के साथ-साथ बीमारियों की प्रभावी रोकथाम और प्रबंधन पर बहुमूल्य जानकारी दी है।
इस संदर्भ में, भारत के महावाणिज्य दूतावास, बीरगंज ने 9वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में 29 अक्टूबर 2024 को वाणिज्य दूतावास परिसर में “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार” पर एक पैनल चर्चा का आयोजन भी किया। इस कार्यक्रम में बीरगंज चैंबर, नेपाल भारत मैत्री संघ, नेपाल भारत सहयोग मंच के पदाधिकारी और सदस्य, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और प्रमुख लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान महावाणिज्य दूत श्री देवी सहाय मीना ने अपने उद्घाटन भाषण में दैनिक जीवन में आयुर्वेद के इतिहास और महत्व पर संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। डॉ. देवेश चंद्र पाठक, डॉ. सुचित कुमार शर्मा, डॉ. शिव नारायण प्रसाद गुप्ता और श्री चंद्रकिशोर झा सहित अन्य प्रमुख वक्ताओं ने आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं और स्वस्थ जीवन शैली को बनाए रखने में उनके महत्वपूर्ण उपयोग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद बिमारियों की रोकथाम पर बहुत जोर देता है और व्यक्ति के जीवन में संतुलन, सही सोच, आहार, जीवन शैली और जड़ी-बूटियों के उपयोग पर पूरा ध्यान देकर स्वास्थ्य के रखरखाव को प्रोत्साहित करता है। आयुर्वेद का ज्ञान व्यक्ति को यह समझने में सक्षम बनाता है कि अपने व्यक्तिगत संरचना के अनुसार शरीर, मन और चेतना का यह संतुलन कैसे बनाया जाए और इस संतुलन को लाने और बनाए रखने के लिए जीवनशैली में कैसे बदलाव किए जाएं।



