विश्वविद्यालय ने बनाई अध्ययन अवकाश पर गए उन प्रोफेसरों की खोज के लिए समिति जो वापस नहीं लौटे
काठमांडू पुष २९ – त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने अध्ययन के लिए अवकाश लेकर गए वापस नहीं लौटने वाले प्रोफेसरों की तलाश करने के लिए एक समिति बनाई है ।
त्रिवि के उपप्राध्यपक डा.जीवन काफ्ले के संयोजकत्त्व में तीन सदस्यीय समिति बनाए जाने की जानकारी रजिस्ट्रार प्राडा केदारप्रसाद रिजाल ने दी है । उन्होंने बताया कि बहुत से शिक्षक ऐसे हैं जो अध्ययन के लिए अवकाश लेकर विदेश गए लेकिन वापस नहीं लौटे हैं उनका तथ्यांक संकलन किया जा रहा है । समिति बनाकर काम शुरु हो चुका है । उन्होंने कहा कि ‘तथ्यांक संकलन होन के बाद नहीं वापस लौटने वालों को लेकर कारवाई की जाएगी ।’
वापस नहीं लौटने वाले शिक्षकों की को तलाश की जाने की समिति के संयोजक काफ्ले ने जानकारी दी है । ‘बहुत से शिक्षक वापस नहीं आए हैं । वें कहाँ हैं खोजबीन शुरु हो चुकी है समिति संयोजक काफ्ले ने बताया ।
विश्वविद्यालय के नियम अनुसार ५ वर्ष तक अध्ययन अवकाश लिए जाने का प्रावधान है ।
यदि समय में वापस नहीं आए तो वेतन का १२ प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने का नियम है ।
२०४५ साल से अध्ययन अवकाश में गए त्रिवि के बहुत से शिक्षक वापस नहीं आए हैं । लेकिन इसका कोई रेकर्ड त्रिवि के पास नहीं है । १० वर्ष के तथ्यांक को देखते हुए ८९३ शिक्षकों ने अध्ययन अवकाश लिया है । इसमें से कितने वापस आए ? कितनों ने अध्ययन पूरा किए ? कितने बिना अध्ययन के ही वापस आए और कितने फरार हैं इसका कोई तथ्यांक नहीं है ।


