बांग्लादेश में महिलाओं पर लगने लगे प्रतिबंध, दिखने लगा तालिबान का असर
तालिबान का असर बांग्लादेश में दिखने लगा है । पहले जिस बांग्लादेश में महिलाओं को हर काम करने की छूट होती थी, अब वहां महिलाओं के आगे आकर काम करने पर पाबंदियां लगनी शुरू हो गई हैं. बांग्लादेश की दो मशहूर फिल्म कलाकार महजबीन चौधरी को चटगांव में और तंगेल में पोरी मोनी नामक अभिनेत्री को लॉन्च कार्यक्रमों में भाग नहीं लेने दिया गया. अब उसी तर्ज पर एक अन्य अभिनेत्री अपू विश्वास को भी तालिबानी मदरसों का विरोध झेलना पड़ा.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मशहूर अभिनेत्री अपु विश्वास को ढाका के कामरंगेर्चर इलाके में एक रेस्तरां का उद्घाटन करना था. रेस्टोरेंट के मालिकों ने इस उद्घाटन को लेकर जब अभिनेत्री अपू विश्वास की पब्लिसिटी शुरू की तो वहां के धार्मिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई. इन मौलवियों का कहना था कि किसी महिला द्वारा इस तरह का काम किया जाना अपने आप में वर्जित है. अगर रेस्टोरेंट के मालिक इस तरह का काम कराएंगे तो उन्हें इसके अंजाम भुगतने होंगे.
जिस इलाके में इस रेस्टोरेंट का उद्घाटन होना था वहां आसपास करीब 200 मदरसे हैं. इन सभी मदरसों ने इस कार्यक्रम का लगातार विरोध करना शुरू कर दिया, जिससे डर कर रेस्टोरेंट के मालिकों ने अपु विश्वास को बुलाने का फैसला वापस ले लिया. इसके चलते अपु विश्वास रेस्टोरेंट का उद्घाटन नहीं कर पाईं.
दिलचस्प है कि इस घटना की बाबत सरकारी अधिकारियों को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कुछ करने में असमर्थता जता दी. इससे पहले राष्ट्रीय इमाम परिषद के महासचिव एफ अकरम हुसैन ने भी अपने फेसबुक अकाउंट पर एक डिजिटल कार्ड पोस्ट किया था, जिसमें अपू विश्वास के निर्धारित शपथ ग्रहण समारोह को विस्तार से बताया गया था. माना जा रहा है कि बांग्लादेश में आने वाले समय में महिलाओं पर और भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

