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अन्तिम विदाई, मध्यरात्री मे प्रकृति का हुआ अन्तिम संस्कार

 

हिमालिनी सवांददाता /रुपन्देही । भैरहवा :भारत के ओडिसा भुवनेश्वरस्थित कलिङ्गा इन्स्टिच्युट अफ इन्डस्ट्रियल टेक्नोलोजी की छात्रावास मे मृत अवस्था मे मिली भैरहवा की प्रकृति लम्साल को सोनौली बॉर्डर होते नेपाल बेलाहिया सीमा होते भैरहवा लाया गया ।

भारत गोरखपुर मार्ग होते हुए ९ बजे प्रकृति का पार्थिव शरिर सोनौली सीमा होते भैरहवा हुए लाया गया उनके पिता लगायत अभिभावक दूसरा उडान भर आने के क्रम मे बिलंभ होने के कारण शव को भैरहवा स्थित युनिभर्सल कलेज अफ मेडिकल साईन्सेज मे रखा गया था अभिभावक आने बाद करिब ११ बजे प्रकृति के शव उनके निवास सिद्धार्थनगर वडा नम्बर ८ मे लाया गया घर पर अन्तिम श्रद्धान्जली देकर ११:५० मे घर से बाहर निकल कर शव को रात्रि मे ही भैरहवा परिक्रमा कर के स्वर्गद्वारी घाट मे अंतिम संस्कार किया गया प्रकृति को उनके (बाबा) देवनाथ लम्साल ने आखँ नम करते हुए अग्नि देकर विदाई दिया ।

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शवयात्रा मे परिवार के अपने परिवार लगायत दि कलिंगा इन्स्टिच्यूट अफ् इन्डस्ट्रियल टेक्नोलोजी (केआईआईटी) मे अध्ययनरत् उनकी सहपाठी, तथा नगर के वरिष्ठ नागरिक एवं शस्त्र प्रहरी बल ,नेपाल प्रहरी लगायत उपस्तिथ रहे । २०६१ साल असार ४ गते भैरहवा मे जन्मी लम्साल की इसी रविवार शंकास्पद रुप मे मृत्यु हुआ था ।

उनकी शव भारत के कलिंगा इन्स्टिच्यूट अफ् इन्डस्ट्रियल टेक्नोलोजी (केआईआईटी)के छात्रावास मे लटके हुए अवश्था मे शव मिला था।

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इस घटना सम्बन्ध मे भारतीय प्रहरी ने कई लोगो को हिरासत मे पूछताछ कर रही है । युद्ध स्तर पर कर्व8 हो रही है। लेकिन अव प्रकृति लौट कर नहीं आएगी ।

हार्दिक श्रद्धांजलि प्रकृति

 

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